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Home› Khabar Junction› Bihar Compensation To Be Provided For Crops Destroyed By Floods Up To 22 500 To Be Credited Directly To Ban

Bihar: किसानों को बाढ़ से बर्बाद फसल का मिलेगा मुआवजा, सीधे खाते में आएंगे ₹22,500 तक; तुरंत कर लें ये काम...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 20 Oct 2026 06:07 PM IST
सार

  • बिहार में बाढ़ प्रभावित किसानों को मिलेगा कृषि इनपुट अनुदान
  • 9 जिलों की 289 पंचायतों के किसान कर सकते हैं आवेदन
  • फसल नुकसान पर 8,500 से 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान
  • रैयत और गैर-रैयत किसान योजना के लिए पात्र
  • 25 अक्टूबर 2026 तक DBT पोर्टल पर करें ऑनलाइन आवेदन

बाढ़ प्रभावित किसानों कोे सरकार देगी मुआवजा।
बाढ़ प्रभावित किसानों कोे सरकार देगी मुआवजा। - फोटो : AI
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विस्तार
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सितंबर के आखिरी हफ्ते में आई बाढ़ से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। बिहार सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। फसल नुकसान झेलने वाले किसान 25 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह राहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी। हालांकि, इसका लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी जमीन और फसल अधिसूचित बाढ़ प्रभावित पंचायतों के अंतर्गत आती है।

किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ
जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी जमीन बाढ़ प्रभावित घोषित की गई पंचायतों के तहत आती है। प्रदेश के 9 जिलों- दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना के 43 प्रखंडों की कुल 289 पंचायतों को इस योजना के लिए चुना गया है। इन पंचायतों के रैयत किसान और गैर-रैयत किसान आवेदन करने के पात्र हैं। सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले वे सूची में अपने प्रखंड और पंचायत के नाम की पुष्टि अवश्य कर लें।

फसल नुकसान पर तय की गई अनुदान दरें
कृषि इनपुट अनुदान के तहत खेत और फसल के हिसाब से अलग-अलग आर्थिक सहायता तय की गई है। सरकार के मुताबिक, असिंचित जमीन पर फसल खराब होने पर किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जाएगी, जिसमें न्यूनतम 1,000 रुपये का अनुदान निर्धारित है। सिंचित जमीन पर फसल क्षति के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे, जहां न्यूनतम देय राशि 2,000 रुपये होगी। वहीं, गन्ना तथा अन्य बहुवर्षीय फसलों के नुकसान के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मदद मिलेगी, जिसमें न्यूनतम अनुदान 2,500 रुपये तय किया गया है। यह आर्थिक मदद एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर रकबे के लिए ही दी जाएगी।

जरूरी दस्तावेज और आवेदन करने का तरीका
आवेदन के दौरान किसानों को आधार सत्यापन के जरिए अपने परिवार का ब्योरा दर्ज करना होगा, जिसमें पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चे शामिल होंगे। परिवार के विवरण में किसी भी तरह की त्रुटि पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। रैयत किसानों को वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 या 2025-26 की जमीन की लगान रसीद अथवा एलपीसी (जमीन पर कब्जे का प्रमाण पत्र) अपलोड करना होगा। वहीं, गैर-रैयत किसानों को डीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध स्वघोषित प्रमाण पत्र को वार्ड सदस्य, मुखिया अथवा सरपंच और कृषि समन्वयक से सत्यापित कराकर जमा करना जरूरी होगा।

पात्र किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (state.bihar.gov.in/krishi/CitizenHome.html) पर दिए गए ‘डीबीटी इन एग्रीकल्चर’ लिंक के माध्यम से या सीधे डीबीटी पोर्टल (dbtagriculture.bihar.gov.in) पर जाकर अपने 13 अंकों के किसान पंजीकरण संख्या का उपयोग करके आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। योजना से जुड़े किसी भी सवाल या समस्या के समाधान के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क किया जा सकता है।


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