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UP के लिए बड़ा निवेश प्रस्ताव : नॉन-जीएमओ मक्के की मुरीद हुई फ्रांसीसी कंपनी, सीधे किसानों से खरीदेगी उपज

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Thu, 22 Oct 2026 08:48 AM IST
सार

  • उत्तर प्रदेश में मक्का आधारित उद्योग लगाने में फ्रांस की कंपनियों ने दिखाई रुचि।
  • रॉकेट और एडेइस के अधिकारियों के साथ पेरिस में निवेश को लेकर हुई बातचीत।
  • फर्रुखाबाद और कन्नौज में मक्का की उपलब्धता और आपूर्ति पर हुई चर्चा।
  • यूपी में मक्का की स्थानीय खपत बढ़ने और किसानों को नए खरीदार मिलने की उम्मीद।
  • औद्योगिक परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में भी फ्रांसीसी कंपनियों की रुचि।

मक्का प्रोसेसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फ्रांस की 2 बड़ी कंपनियों से बनी सहमति
मक्का प्रोसेसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फ्रांस की 2 बड़ी कंपनियों से बनी सहमति - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में मक्का की खेती करने वाले किसानों के लिए एक अहम खबर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस की दो बड़ी कंपनियां- रॉकेट (Roquette) और एडेइस (Edeis) ने उत्तर प्रदेश में निवेश करने में रुचि दिखाई है। पेरिस में चल रही अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी (सियाल पेरिस-2026) के दौरान भारतीय दूतावास में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल और इन कंपनियों के अधिकारियों के बीच निवेश को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत हुई।

मक्का आधारित उद्योगों पर खास जोर
सरकार के अनुसार, फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी 'रॉकेट' मुख्य रूप से मक्का सहित अन्य कृषि उत्पादों से स्टार्च, प्रोटीन और खाने-पीने व दवाइयों की चीजें बनाती है। उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक (नॉन-जीएमओ या बिना आनुवंशिक बदलाव वाले) मक्का की अच्छी पैदावार होती है, जो इस कंपनी को काफी पसंद आई है।

पेरिस में हुई बैठक में विशेष रूप से फर्रुखाबाद और कन्नौज जिले में मक्का की उपलब्धता और आपूर्ति पर चर्चा की गई। कंपनी 'रॉकेट' का कारोबार काफी बड़ा है; साल 2025 में इसका वैश्विक व्यापार लगभग 4.9 अरब यूरो रहा था। कंपनी के 40 से अधिक कारखाने हैं और यह 150 से ज्यादा देशों में काम करती है। सरकार का कहना है कि अगर यह कंपनी यूपी में अपने उद्योग लगाती है, तो किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सीधे तौर पर बड़े और नए खरीदार मिल जाएंगे।

बुनियादी ढांचे और तकनीकी सहयोग में भी रुचि
'रॉकेट' के अलावा फ्रांस की एक और कंपनी एडेइस ने भी राज्य में तकनीकी सहयोग और औद्योगिक परियोजनाओं में अपनी इच्छा जताई है। यह कंपनी मुख्य रूप से फैक्ट्रियों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों की डिजाइनिंग और इंजीनियरिंग का काम करती है। सरकार के अनुसार, बैठक में एडेइस के प्रतिनिधियों के साथ राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास पर सकारात्मक चर्चा हुई है।

सुविधाओं से आकर्षित हो रहे विदेशी निवेशक
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, राज्य में निवेश को आसान बनाने के लिए एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोर और 'निवेश मित्र' जैसी ऑनलाइन सिंगल विंडो प्रणाली की शुरुआत की गई है। इन्ही सुविधाओं की जानकारी विदेशी कंपनियों के साथ साझा की गई।

यूपी राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, इन कंपनियों के साथ बातचीत काफी सकारात्मक रही है। सरकार का मानना है कि इस तरह के निवेश से मक्का की स्थानीय स्तर पर खपत बढ़ेगी, कृषि उत्पादों की अच्छी कीमत मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इस अहम बैठक में भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव अविनाश जोशी, रॉकेट के सीईओ थियरी फूर्निए, एडेइस के प्रतिनिधि क्रिस्टोफ मोनी मौजूद रहे। इसके अलावा यूपी मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव निखिल टीकाराम फुंडे, खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विशेष सचिव राजकमल यादव और पेरिस स्थित भारतीय दूतावास की अधिकारी (आर्थिक प्रभाग) रिचा गुलाटी ने भी इस वार्ता में हिस्सा लिया।


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