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भारतीय कॉफी की विदेश में बढ़ी महक : निर्यात 25% बढ़कर 2.42 लाख टन के पार, ये देश रहे टॉप खरीदार...

गांव जंक्शन डेस्क, चंडीगढ़ Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 02 Oct 2026 10:34 AM IST
सार

  • अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच भारत का कॉफी निर्यात 25% बढ़कर 2.42 लाख टन से अधिक हो गया।
  • मात्रा बढ़ने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण डॉलर मूल्य में बढ़त 10% रही।
  • जनवरी से सितंबर के दौरान अरेबिका और इंस्टेंट कॉफी के निर्यात में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई।
  • इटली भारतीय कॉफी का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, इसके बाद जर्मनी, रूस और यूएई का स्थान है।

दुनिया भर में कॉफी पीने वालों के बीच ‘ऑर्गेनिक कॉफी’ का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है।
दुनिया भर में कॉफी पीने वालों के बीच ‘ऑर्गेनिक कॉफी’ का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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कॉफी बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) के दौरान भारत से कॉफी का निर्यात मात्रा के हिसाब से 25 प्रतिशत बढ़कर 2.42 लाख टन से अधिक हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में देश से 1.93 लाख टन कॉफी का निर्यात किया गया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में रहे उतार-चढ़ाव के कारण डॉलर मूल्य में यह बढ़त 10 प्रतिशत रही और कुल निर्यात 1.17 अरब डॉलर तक पहुंचा, जो पिछले साल समान अवधि में 1.06 अरब डॉलर था।

वैश्विक कीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रति टन आय में मामूली गिरावट
कॉफी बोर्ड द्वारा जारी परमिट आंकड़ों के मुताबिक, रुपये के संदर्भ में चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान कॉफी निर्यात में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 9,164 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,118 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कीमतों की अस्थिरता के कारण प्रति टन मिलने वाली औसत राशि में कमी आई है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में प्रति टन आय घटकर 4.59 लाख रुपये रह गई, जो पिछले साल समान अवधि में 4.72 लाख रुपये प्रति टन थी।

1 जनवरी से 30 सितंबर के बीच भारत का कॉफी निर्यात 24 प्रतिशत बढ़कर 3.67 लाख टन दर्ज किया गया, जो पिछले साल इन्हीं महीनों में 2.96 लाख टन था। मूल्य के हिसाब से यह निर्यात 11 प्रतिशत बढ़कर 1.79 अरब डॉलर रहा।

अरेबिका और इंस्टेंट कॉफी की मांग में जोरदार उछाल
किस्मों के हिसाब से देखें तो जनवरी से सितंबर के बीच अरेबिका पार्चमेंट के निर्यात में 33 प्रतिशत की बड़ी बढ़त दर्ज की गई और यह 33,038 टन से बढ़कर 43,987 टन पहुंच गया। इसी तरह अरेबिका चेरी का निर्यात 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,087 टन रहा, जो पिछले साल 9,503 टन था।

रोबस्टा चेरी के शिपमेंट में 28 प्रतिशत की तेजी आई और यह 1.21 लाख टन से बढ़कर 1.55 लाख टन दर्ज किया गया, जबकि रोबस्टा पार्चमेंट का निर्यात 21,469 टन के साथ पिछले साल के स्तर (21,404 टन) के करीब बना रहा। इसके अलावा प्रसंस्कृत कॉफी यानी इंस्टेंट कॉफी के निर्यात में भी 25.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 1.34 लाख टन तक पहुंच गया।

ये देश रहे टॉप खरीदार 
भारतीय कॉफी के प्रमुख खरीदारों में इटली सबसे बड़ा आयातक देश बना हुआ है। इसके बाद जर्मनी, रूसी संघ और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का स्थान रहा। वहीं, भारतीय निर्यातकों में सीसीएल प्रोडक्ट्स इंडिया लिमिटेड सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी रही, जिसके बाद लुई ड्रेफस कंपनी इंडिया लिमिटेड और एनकेजी इंडिया कॉफी प्राइवेट लिमिटेड रहीं।

सितंबर में खत्म हुए कॉफी फसल वर्ष 2025-26 के दौरान देश में कुल 3.73 लाख टन कॉफी का उत्पादन हुआ, जिसमें 1.11 लाख टन अरेबिका और 2.62 लाख टन रोबस्टा शामिल थी। पूरे फसल वर्ष 2025-26 में कुल निर्यात 24.5 प्रतिशत बढ़कर 4.52 लाख टन रहा। बोर्ड ने अक्टूबर से शुरू होने वाले नए फसल वर्ष 2026-27 के लिए अपने शुरुआती अनुमान में कुल 4.04 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया है, जिसमें 1.20 लाख टन अरेबिका और 2.84 लाख टन रोबस्टा शामिल है।


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