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Home› Khabar Junction› Apple Crop From Israel And Kenya Is Flourishing In Kasganj Yield Is Obtained Even In 50 Degree Temperature

Horticulture: कासगंज में लहलहा रही इस्राइल और केन्या के सेब की फसल, 50 डिग्री तापमान में भी मिलती है पैदावार

अजय झंवर, कासगंज Published by: Umashankar Mishra Updated Thu, 01 Aug 2024 12:23 PM IST
सार

खेती में कुछ नया करने की इच्छा और इस दिशा में आगे बढ़ने की उन्नत सोच रखने वाले यूपी के कासगंज के किसान राजीव कुमार सिंह ने जिले में सेब की विदेशी प्रजाति का बाग लगाया। इस बाग में स्वदेशी कश्मीर या हिमाचल नहीं, बल्कि इस्राइल और केन्या की गर्म मौसम के अनुकूल सेब की प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। 

गर्म इलाकों में भी सेब खेती कर रहे हैं किसान।
गर्म इलाकों में भी सेब खेती कर रहे हैं किसान। - फोटो : गांव जंक्शन (सांकेतिक तस्वीर)
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विस्तार
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यूपी के कासगंज के किसान राजीव कुमार सिंह ने जिले में सेब की विदेशी प्रजाति का बाग लगाया। इस बाग में स्वदेशी कश्मीर या हिमाचल नहीं, बल्कि इस्राइल और केन्या की गर्म मौसम के अनुकूल सेब की प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। बाग लगाने के तीसरे साल में अच्छी फसल मिली है। सेब ऐसे कि देखते ही खाने को मन ललचा उठे। 

सहावर तहसील क्षेत्र के गांव बोड़ा नगरिया के किसान राजीव कुमार सिंह ने प्रयोग के तौर पर एक बीघा खेत में सेब के करीब दो सौ पौधे लगाए और तीसरे वर्ष में अच्छी-खासी सेब की फसल की पैदावार हुई। विदेशी प्रजाति के सेब की खेती वाला बाग लोगों में चर्चा का केंद्र है। लोग उसे देखने पहुंच रहे हैं। किसान के मुताबिक, एक बीघा बाग से अगले वर्ष में 7 से 8 लाख रुपये कीमत की सेब की फसल की पैदावार होगी। पांच वर्ष बाद इसकी पैदावार में और बढ़ोतरी होगी।

गर्म जलवायु में सेब के बाग 
किसान राजीव ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि राजस्थान के किसानों ने गर्म जलवायु होने के बावजूद सेब के बाग लगाए हैं और वह अच्छी फसल दे रहे हैं। यह जानकारी मिलने के बाद वह सेब का बाग लगाने के लिए उत्सुक हुए और वर्ष 2021 के दिसंबर माह में उन्होंने हिमाचल प्रदेश से सेब के विशेषज्ञ हरिभान शर्मा से मुलाकात की। उनके द्वारा गर्म जलवायु की सेब की प्रजातियां विकसित की गई हैं, वहां से सेब के पौधे लिए। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के अन्य स्थानों से पौधे लिए और तकनीकी जानकारी हासिल की। इसके बाद, एक बीघा खेत में सेब का बाग लगाया। इसमें दो सौ पौधे लगाए गए हैं।

50 डिग्री तापमान में मिलती है पैदावार 
हिमाचल के सेब विशेषज्ञ हरिमन व अन्य विशेषज्ञों की मदद से इस्राइल की सेब प्रजाति अन्ना, केन्या की प्रजाति ट्रॉफिक स्वीट एवं गोल्डन डोरसेट और हरिमन 99 के पेड़ बाग में लगाए गए हैं। दावा किया कि 4-5 वर्ष की उम्र पूरी करने पर 50 किलो फल प्रत्येक पेड़ से मिलेंगे। वह कहते हैं कि जो प्रजातियां उन्होंने अपने बाग में लगाई हैं उनमें 50 डिग्री तापमान में भी दिक्कत नहीं होगी। ऑर्गेनिक तरीके से सेब का बाग तैयार किया गया है। 

छोटे और मझोले किसानों को हो सकता है फायदा 
किसान राजीव सिंह का कहना है कि छोटे और मझोले किसानों की आर्थिक स्थिति सेब की बागवानी से संवर सकती है। छोटे-छोटे किसानों के पास थोड़ी जमीन होती, जहां सेब के बाग लगाकर लाखों रुपये की कमाई की जा सकती है। उनका कहना है इस क्षेत्र को सेब उत्पादन की दृष्टि से कश्मीर बनाना चाहते हैं।

अब महाराष्ट्र का अनार लगाने का इरादा
सेब के साथ अंजीर, लीची, चीकू के पौधे भी लगाए गए हैं। इन पर भी फल आने लगे हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि महाराष्ट्र के नासिक के अनार की पैदावार यहां की जाए। उनका कहना है कि वह इस संबंध में नासिक जाकर पूरी जानकारी लेंगे और पौध लाएंगे। जिससे अनार का बाग लगाया जा सके।

 
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