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खेती-किसानी से जुड़े स्टार्टअप को मिलेगा फंड : नाबार्ड ने जुटाए ₹450 करोड़, ₹1500 करोड़ का लक्ष्य

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Fri, 09 Oct 2026 02:09 PM IST
सार

  • नाबवेंचर्स फंड-II ने पहली किस्त में ₹450 करोड़ जुटाए।
  • फंड का कुल लक्ष्य ₹1,500 करोड़ रखा गया है।
  • पिछले फंड से 23 नवाचार करने वाले उद्यमों को मदद मिली है।
  • एग्रीटेक, खाद्य कारोबार, ग्रामीण फिनटेक और जलवायु अनुकूल तकनीक में निवेश होगा।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की निवेश इकाई नाबवेंचर्स ने 450 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी जुटा ली है। नाबवेंचर्स फंड-II के तहत कुल 1,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अतिरिक्त निवेश जुटाने का विकल्प भी शामिल है।

नाबवेंचर्स के पिछले फंड से अब तक 23 नए और नवाचार करने वाले उद्यमों को मदद मिल चुकी है। इसी अनुभव के आधार पर दूसरे फंड के जरिए कृषि और ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाली अधिक कंपनियों को निवेश उपलब्ध कराया जाएगा।

किन क्षेत्रों में होगा निवेश?
नाबवेंचर्स फंड-II शुरुआती से लेकर तेजी से विस्तार कर रही कंपनियों में निवेश करेगा। इसके प्रमुख क्षेत्र हैं-
  • एग्रीटेक : खेती में तकनीक का इस्तेमाल करने वाली कंपनियां।
  • खाद्य और कृषि व्यवसाय : खाद्य प्रसंस्करण और कृषि से जुड़े कारोबार।
  • ग्रामीण फिनटेक : गांवों में वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियां।
  • जलवायु अनुकूल समाधान : मौसम के बदलाव और जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने वाली तकनीकें।
  • आपूर्ति शृंखला और लॉजिस्टिक्स : कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और बाजार तक पहुंच से जुड़े समाधान।

नाबवेंचर्स निवेश के साथ-साथ नाबार्ड के देशभर में फैले नेटवर्क और कृषि क्षेत्र के अनुभव का भी इस्तेमाल करेगा। इससे निवेश पाने वाली कंपनियों को अपना कारोबार बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में अपने काम का असर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

किसानों की आय बढ़ाने वाले नवाचारों पर जोर
नाबार्ड के अध्यक्ष वी. शाजी कृष्णन के मुताबिक, नाबवेंचर्स फंड-II के लिए 450 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी जुटाना कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऐसे तकनीक आधारित समाधानों की जरूरत बढ़ रही है, जो खेती की उत्पादकता बढ़ाएं, कृषि उपज की खरीद-बिक्री और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करें, किसानों की आय बढ़ाएं और ग्रामीण कारोबार को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम बनाएं।

कृष्णन के अनुसार, इस फंड के जरिए ऐसे उद्यमियों के साथ साझेदारी की जाएगी, जो कृषि क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का समाधान खोज रहे हैं। निवेश के लिए उन कंपनियों पर ध्यान दिया जाएगा, जो कारोबार में बेहतर नतीजों के साथ पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने, वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में भी योगदान दें। नाबार्ड का लक्ष्य ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देकर भारत की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत, प्रतिस्पर्धी और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है।
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