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यह NCDC का स्वर्णिम काल : अमित शाह ने की 5 सालों के काम की तारीफ, अगले 25 साल का रोडमैप बनाने का दिया निर्देश

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Thu, 29 Oct 2026 05:42 PM IST
सार

  • अमित शाह ने NCDC के पिछले पांच सालों के प्रदर्शन को निगम का स्वर्णिम काल बताया
  • NCDC ने सहकारी संस्थाओं को अब तक 4.14 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता दी
  • वित्त वर्ष 2026-27 में सहकारी संस्थाओं को 1.70 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देने का लक्ष्य
  • पूर्वोत्तर में डेयरी, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र से आठ लाख रोजगार पैदा करने का लक्ष्य
  • NCDC ने 1,863 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) का पंजीकरण किया

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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केंद्रीय सहकारित मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की बीते पांच सालों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे निगम का स्वर्णिम काल बताया। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने निगम को आगामी 25 सालों के लिए एक रोडमैपर तैयार करने का निर्देश दिया है। इस बैठक में वित्तीय प्रदर्शन, ग्रामीण आजीविका के विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

NCDC के व्यापार में आया सुधार, सभी राज्यों में पहुंच स्थापित
साल 2021 में सहकारिता मंत्रालय के गठन से 25 अक्तूबर तक NCDC ने देशभर की सहकारी संस्थाओं को कुल 4 लाख 14 हजार 586 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी है।  बीते वित्त वर्ष में निगम ने 1 लाख 55 हजार 408 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी और 1 लाख 27 हजार 596 करोड़ का संवितरण किया। यह राशि वित्त वर्ष 2020-21 के 24 हजार 733 करोड़ के संवितरण की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है। इस अवधि में NCDC का शुद्ध लाभ ₹1,475 करोड़ रहा, ऋण वसूली दर 99.84 प्रतिशत दर्ज की गई और नेट एनपीए शून्य बना रहा। बैठक में बताया गया कि अब NCDC की उपस्थिति लद्दाख और पूर्वोत्तर समेत देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हो चुकी है।

विशेषज्ञ समूह का होगा गठन, तय होगा आगामी 25 साल का रोडमैप
केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिया कि NCDC के अगले 25 सालों के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके लिए अनुभवी प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों का एक समूह गठित करने के साथ एक कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया गया, जिससे दिसंबर 2027 तक आवश्यक नीतिगत निर्णय लिए जा सकें।

आगामी सालों के लिए लोन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय
आगामी सालों के लिए सहकारी संस्थाओं को लोन देने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए गए हैं, जिनमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.70 लाख करोड़, 2027-28 के लिए ₹2.10 लाख करोड़, 2028-29 के लिए ₹2.50 लाख करोड़ और 2029-30 और 2030-31 के लिए लगभग ₹3.50-₹3.50 लाख करोड़ शामिल है।केंद्रीय मंत्री के अनुसार, NCDC को नाबार्ड, राज्य सहकारी बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों के साथ मिलकर सह-वित्तपोषण (कमॉडल विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि निगम का लाभ छोटे किसानों, पशुपालकों, मछुआरों, ग्रामीण महिलाओं और वंचित वर्गों तक पहुंचना चाहिए। साल 2030 तक पूर्वोत्तर को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार, इससे क्षेत्र की आय में लगभग 32,800 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी और करीब आठ लाख नए रोजगार पैदा होंगे। गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए लगभग 100 ट्रॉलरों को वित्तीय सहायता दी गई है। वहीं, महाराष्ट्र के कोल्हापुर और पुणे में सहकारी चीनी मिलों के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) पर आधारित साझा प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है। सहकार मित्र कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित युवाओं को बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं से जोड़ने और बनास डेयरी के सफल मॉडल के अनुभवों का उपयोग करने की बात कही गई।

संशोधन अधिनियम, नवाचार और FPO को बढ़ावा
बैठक में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) अधिनियम, 2026 पर भी चर्चा हुई, जिसे 14 अगस्त 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया था। इसके तहत केंद्र सरकार द्वारा NCDC को 2 हजार करोड़ की सहायता दी गई है, जिसके सहारे निगम चार वर्षों में बाजार से 20,000 करोड़ रुपये जुटाएगा।

सहकारी क्षेत्र में नए प्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए सहकार नवाचार योजना शुरू की गई है। इसके ₹10 करोड़ के प्रारंभिक कोष में से 20 प्रतिशत हिस्सा पूर्वोत्तर, पहाड़ी क्षेत्रों और कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित है। इसके तहत अब तक पांच संस्थाओं को ₹85 लाख की अनुदान सहायता स्वीकृत की गई है। इसके अलावा, NCDC ने अब तक 1,863 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) का पंजीकरण किया है (जिनमें 1,117 पैक्स आधारित हैं) और अक्टूबर 2026 तक इन्हें ₹356.90 करोड़ की सहायता वितरित की जा चुकी है।


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