उत्तर प्रदेश में धान खरीद को लेकर योगी सरकार ने नए आंकड़े जारी किए हैं। प्रदेश सरकार के अनुसार, मौजूदा सरकार और पूर्व सपा सरकार के कार्यकाल में धान खरीद का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या में बड़ा अंतर दर्ज किया गया है। सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि योगी सरकार के पिछले चार साल के कार्यकाल में कुल 37,49,219 किसानों को धान खरीद का लाभ मिला है, जबकि सपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में यह संख्या 14,87,519 थी। सरकार का कहना है कि एक साल कम समय के बावजूद 22.62 लाख अधिक किसानों को इस सरकारी व्यवस्था का सीधा फायदा पहुंचाया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार के आंकड़ों की तुलना करें तो, मौजूदा सरकार के चार साल का आंकड़ा पिछली सपा सरकार के पांच साल के आंकड़े से करीब 2.52 गुना ज्यादा है। सरकारी बयान के अनुसार, इसका मतलब यह है कि वर्तमान कार्यकाल में सपा सरकार की तुलना में लगभग 152 प्रतिशत अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। सरकार के मुताबिक यह आंकड़ा इस बात को दिखाता है कि कम समय अवधि में ही अधिक किसानों तक सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ पहुंचाया गया है।
किसानों को बाजार और समर्थन मूल्य उपलब्ध कराने पर जोर
राज्य सरकार के अनुसार, धान की खरीद सिर्फ उपज खरीदने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसानों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी फसल के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का अवसर देने का भी एक संस्थागत माध्यम है। सरकार का कहना है कि चार साल में 37.49 लाख से अधिक किसानों का लाभान्वित होना इसी व्यवस्था के विस्तार को रेखांकित करता है।
खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के प्रयास
राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि धान खरीद व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकार का मुख्य प्रयास किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है, जिसके लिए सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार, पात्र किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
साल-दर-साल धान खरीद के सरकारी आंकड़े
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए साल-दर-साल के आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में किसानों ने इस व्यवस्था के जरिए अपनी फसल बेची है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2022-23 में 10,95,197 किसानों को धान खरीद का लाभ मिला। इसके बाद 2023-24 में 8,01,730 और 2024-25 में 7,98,731 किसान लाभान्वित हुए। सरकारी जानकारी में यह भी बताया गया है कि 2025-26 के दौरान 10,53,561 किसानों को इस योजना का लाभ मिला है।