प्रमुख उत्पादक राज्यों में सूखे और बुवाई के कम रकबे के कारण इस बार कपास की पैदावार घटने वाली है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) द्वारा जारी किए गए पहले अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर से शुरू हुए 2026-27 के सीजन में भारत का कपास उत्पादन लगभग 14 प्रतिशत घटकर 280 लाख गांठ (प्रति गांठ 170 किलोग्राम) रहने का अनुमान है। पिछले साल देश में कपास का कुल उत्पादन 325.69 लाख गांठ रहा था।
आपूर्ति, खपत और निर्यात की स्थिति
सीएआई की फसल समिति द्वारा तैयार किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2026-27 सीजन के लिए देश में कुल आपूर्ति 417.88 लाख गांठ रहने का अनुमान है। इस आपूर्ति में 72.88 लाख गांठ का पुराना बचा हुआ स्टॉक और 65 लाख गांठ का आयात शामिल है। आयात का यह आंकड़ा पिछले साल के 71.6 लाख गांठ से थोड़ा कम है। सरकार ने हाल ही में कपास आयात पर मिलने वाली शुल्क छूट को दिसंबर के अंत तक बढ़ा दिया है। सीएआई के अनुसार इस बार कपास की खपत 365 लाख गांठ पर स्थिर रहेगी, जबकि निर्यात पिछले साल के 15 लाख गांठ से घटकर 12 लाख गांठ रह सकता है। वहीं, 30 सितंबर 2027 तक अंतिम स्टॉक भी पिछले साल के 72.88 लाख गांठ से भारी गिरावट के साथ 40.88 लाख गांठ रहने की उम्मीद है।
उत्तरी क्षेत्र के उत्पादन में मामूली बढ़त
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान वाले उत्तरी क्षेत्र में कपास का उत्पादन थोड़ा बढ़ने की उम्मीद है। इस बार यहां 28 लाख गांठ उत्पादन का अनुमान है, जो पिछले साल 27 लाख गांठ था। इसमें हरियाणा में पैदावार 6.5 लाख गांठ से बढ़कर 8 लाख गांठ और ऊपरी राजस्थान में 11 लाख से बढ़कर 11.25 लाख गांठ होने की उम्मीद है। हालांकि, पंजाब में उत्पादन 1.5 लाख गांठ से घटकर 1.25 लाख गांठ और निचले राजस्थान में 8 लाख से घटकर 7.5 लाख गांठ रहने का अनुमान जताया गया है।
मध्य क्षेत्र में सूखे की मार से गिरा उत्पादन
सीएआई के आंकड़ों के अनुसार, मध्य क्षेत्र में उत्पादन पिछले साल के 199.35 लाख गांठ से काफी घटकर 176 लाख गांठ रहने का अनुमान है। इसका मुख्य कारण महाराष्ट्र में पड़ा सूखा है। सूखे की वजह से महाराष्ट्र का उत्पादन 113.35 लाख गांठ से बड़ी गिरावट के साथ 91 लाख गांठ रह जाने की आशंका है। गुजरात में भी उत्पादन 68.5 लाख गांठ से थोड़ा घटकर 66 लाख गांठ रहने का अनुमान है। हालांकि, मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है, जहां उत्पादन 17.5 लाख गांठ से बढ़कर 19 लाख गांठ होने की उम्मीद है।
दक्षिणी राज्यों में पैदावार में भारी कमी
दक्षिणी क्षेत्र के राज्यों में भी कपास उत्पादन में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। पिछले साल यहां 93.84 लाख गांठ कपास पैदा हुई थी, जो 2026-27 सीजन में घटकर 71 लाख गांठ रहने का अनुमान है। तेलंगाना में यह 42.1 लाख से गिरकर 34 लाख गांठ, आंध्र प्रदेश में 19.8 लाख से घटकर 12 लाख गांठ और कर्नाटक में 26.94 लाख से कम होकर 20 लाख गांठ रहने की आशंका है। वहीं, तमिलनाडु का उत्पादन बिना किसी बदलाव के 5 लाख गांठ पर ही स्थिर रहने का अनुमान है।
ओडिशा और अन्य राज्यों की स्थिति
देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो ओडिशा में कपास उत्पादन में मामूली कमी आने का अनुमान है। पिछले साल ओडिशा में 3.5 लाख गांठ उत्पादन हुआ था, जो इस बार घटकर 3 लाख गांठ रह सकता है। इसके अलावा देश के अन्य राज्यों में उत्पादन पिछले साल की तरह ही 2 लाख गांठ पर स्थिर रहने का अनुमान है।