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बटाईदार किसान भी बनवा सकेंगे Farmer ID: सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ, जानें पंजीकरण का तरीका

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 04 Nov 2026 04:46 PM IST
सार

बटाई पर खेती करने वाले किसान भी अब फार्मर आईडी बनवा सकेंगे। जानें बिना जमीन वाले किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और जमीन मालिक की सहमति से जुड़े नियम।
 

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जिन किसानों के पास अपनी खेती की जमीन नहीं है और वे दूसरे किसानों के खेत बटाई पर लेकर खेती करते हैं, उनके लिए अच्छी खबर है। अब ऐसे किसान भी फार्मर रजिस्ट्री में अपना पंजीकरण करा सकेंगे और फार्मर आईडी बनवा पाएंगे। इससे उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं और दूसरी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। हालांकि, इसके लिए खेत के मालिक की सहमति जरूरी होगी।

गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जो दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं। फसल तैयार होने के बाद जमीन के मालिक और खेती करने वाले किसान के बीच पहले से तय हिस्से के अनुसार उपज बांटी जाती है। लेकिन अपनी जमीन न होने के कारण इन किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने में परेशानी होती थी। अब नई व्यवस्था के तहत बटाईदार किसानों को भी पंजीकरण की सुविधा दी गई है।

दो तरह के किसान करा सकेंगे पंजीकरण
नई व्यवस्था के तहत बटाईदार किसानों को दो श्रेणियों में रखा गया है। दोनों के लिए पंजीकरण का तरीका अलग-अलग होगा।

1. जिनके पास अपनी कोई जमीन नहीं है
ऐसे किसान जो पूरी तरह दूसरे की जमीन पर बटाई से खेती करते हैं, वे अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (सीएससी) पर जाकर फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके लिए उन्हें ये काम करने होंगे
  • जन सेवा केंद्र पर जाकर फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवेदन करें।
  • आधार कार्ड के जरिए ई-केवाईसी कराएं।
  • मोबाइल नंबर का सत्यापन कराएं।
  • किसान के प्रकार में 'बटाईदार' का विकल्प चुनें।
  • जिस जमीन पर खेती कर रहे हैं, उसका पूरा विवरण दर्ज कराएं।
आवेदन के बाद जमीन के मालिक की फार्मर आईडी पर सहमति के लिए अनुरोध भेजा जाएगा। जमीन का मालिक जब इस अनुरोध को स्वीकार कर लेगा, तभी बटाईदार किसान का पंजीकरण पूरा होगा। अगर जमीन के मालिक की फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो सहमति और पंजीकरण की प्रक्रिया के तहत उनकी आईडी भी बनाई जा सकेगी।


2. जिनके पास अपनी जमीन भी है और बटाई पर भी लेते हैं खेत
इस श्रेणी में ऐसे किसान आएंगे, जिनके पास अपनी खेती की जमीन है और उनकी फार्मर आईडी पहले से बनी हुई है। इसके अलावा वे दूसरे किसानों की जमीन भी बटाई पर लेकर खेती करते हैं। ऐसे किसान फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर अपने खाते में लॉगिन करके बटाई पर ली गई जमीन का विवरण जोड़ सकते हैं।

इसके लिए ये प्रक्रिया अपनानी होगी
  • फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर अपने खाते में लॉगिन करें।
  • 'किसान विवरण अद्यतन' विकल्प पर जाएं।
  • 'नई भूमि जोड़ें बटाईदार' विकल्प चुनें।
  • बटाई पर ली गई जमीन का पूरा विवरण दर्ज करें।
  • आवेदन जमा करने के बाद जमीन के मालिक की सहमति का इंतजार करें।

जमीन के मालिक के खाते में सहमति के लिए अनुरोध भेजा जाएगा। उनके स्वीकार करने के बाद ही बटाई पर ली गई जमीन किसान की फार्मर आईडी से जुड़ सकेगी।

जमीन मालिक की सहमति क्यों जरूरी?
नई व्यवस्था में जमीन के मालिक की सहमति को अनिवार्य रखा गया है। जब तक जमीन का मालिक बटाईदार किसान के आवेदन को मंजूरी नहीं देगा, तब तक संबंधित जमीन का विवरण उसकी फार्मर आईडी में नहीं जुड़ पाएगा।

बटाईदार किसानों को क्या होगा फायदा?
इस व्यवस्था से उन किसानों की पहचान और पंजीकरण आसान होगा, जो खुद खेती करते हैं, लेकिन उनके नाम पर जमीन नहीं है। फार्मर आईडी बनने से पात्र किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं, खाद-बीज और कृषि विभाग की दूसरी सुविधाओं से जुड़ने में मदद मिलेगी।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब केवल जमीन के मालिक होने के कारण ही किसान की पहचान सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी सरकारी व्यवस्था में शामिल करने का रास्ता खुलेगा।
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