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एक गुच्छे में 30-35 गुलाबी फूल : असम के मानस नेशनल पार्क में मिली नई प्रजाति, CM ने की शेयर किया फोटो

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 26 Oct 2026 05:17 PM IST
सार

  • नई प्रजाति की पहचान: असम के मानस नेशनल पार्क में Osbeckia assamensis नाम की फूलों की नई प्रजाति मिली।

  • गुलाबी फूलों की खासियत: एक गुच्छे में करीब 30 से 35 फूल खिलते हैं।

  • ढाई मीटर तक ऊंचाई: यह बहुवर्षीय झाड़ी करीब 2 से 2.5 मीटर तक ऊंची हो सकती है।

  • फूल और फल आने का समय: सितंबर से फरवरी के बीच इसमें फूल और फल आते हैं।

इस पौधे पर गुलाबी रंग के फूल खिलते हैं
इस पौधे पर गुलाबी रंग के फूल खिलते हैं - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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असम के मानस नेशनल पार्क में फूलों के पौधे की एक नई प्रजाति की पहचान की गई है। इसका वैज्ञानिक नाम Osbeckia assamensis रखा गया है। इस पौधे पर गुलाबी रंग के फूल खिलते हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर साझा करते हुए इस खोज की जानकारी दी। राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2025 के बीच किए गए सर्वे के दौरान यह पौधा पार्क के घास के मैदानों में अलग-अलग जगहों पर मिला था।

2.5 मीटर तक ऊंची होती है झाड़ी
Osbeckia assamensis एक बहुवर्षीय झाड़ी है, यानी यह पौधा कई वर्षों तक जीवित रहता है। यह मेलास्टोमेटेसी (Melastomataceae) परिवार से संबंधित है और इसकी ऊंचाई करीब दो से ढाई मीटर तक हो सकती है।

इस पौधे पर लगभग 3 से 3.5 सेंटीमीटर आकार के गुलाबी फूल खिलते हैं। खास बात यह है कि इसके एक गुच्छे में करीब 30 से 35 फूल होते हैं। मंत्री के अनुसार, सितंबर से फरवरी के बीच इस पौधे पर फूल और फल आते हैं। इस दौरान इसके फूल मानस नेशनल पार्क की प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ाते हैं।

2021 से 2025 के बीच हुआ सर्वे
राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ के अनुसार, शोधकर्ताओं बरनाली दास और नमिता नाथ ने इस नई प्रजाति का वैज्ञानिक विवरण तैयार किया है। उनका अध्ययन 22 अक्टूबर को वनस्पति विज्ञान की पत्रिका Phytotaxa में प्रकाशित हुआ। इस पौधे का पहला नमूना 8 अक्टूबर 2022 को मानस नेशनल पार्क से एकत्र किया गया था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में इसका एक और नमूना दर्ज किया गया।

शोधकर्ताओं ने पौधे की शारीरिक बनावट और दूसरी विशेषताओं का बारीकी से अध्ययन किया। इसके बाद इसकी तुलना इससे मिलती-जुलती अन्य प्रजातियों से की गई। अध्ययन के आधार पर इसे एक अलग प्रजाति के रूप में पहचाना गया।

मुख्यमंत्री ने साझा की तस्वीर
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इस पौधे की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि वह राज्य में पौधों, फूलों और जानवरों की नई प्रजातियों की खोज से जुड़ी खबरें अक्सर साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मानस नेशनल पार्क में जैव विविधता की नई जानकारी
इस खोज से मानस नेशनल पार्क में मौजूद वनस्पतियों की विविधता के बारे में नई जानकारी मिली है। वन मंत्री के मुताबिक, पार्क के जंगलों और घास के मैदानों में अब भी कई ऐसे पौधे मौजूद हो सकते हैं, जिनकी वैज्ञानिक पहचान की जानी बाकी है।

ऐसे पौधों की पहचान और उन पर वैज्ञानिक शोध से क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है। साथ ही, यह जानकारी जैव विविधता के संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूत कर सकती है।
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