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Pm Fasal Bima Yojana How Farmers Up Insurance Cover In Case Of Crop Failure Learn Method Pmfby
PM Fasal Bima Yojana: फसल खराब होने पर यूपी के किसानों को ऐसे मिलेगा बीमा कवर, जानें PMFBY का तरीका
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Fri, 25 Sep 2026 04:33 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश में 2016-17 से लागू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित फसलों को तय प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षा मिलती है। किसान बीमा की स्थिति और नुकसान की सूचना डिजिटल माध्यम से दे सकते हैं, जबकि शिकायत के लिए 14447 हेल्पलाइन उपलब्ध है।
प्राकृतिक आपदा या मौसम से फसल को नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) चला रही है। उत्तर प्रदेश में यह योजना वर्ष 2016-17 से लागू है। योजना के तहत अधिसूचित फसलों का बीमा किया जाता है और तय प्राकृतिक जोखिमों से फसल खराब होने पर नियमों के अनुसार बीमा दावा दिया जाता है।
किन नुकसान पर मिलता है बीमा का लाभ
PMFBY के तहत अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों को बीमा कवर दिया जाता है। योजना में बुवाई न हो पाने, खड़ी फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान, स्थानीय स्तर की आपदा और कटाई के बाद होने वाले कुछ नुकसान को शामिल किया गया है। हालांकि, हर नुकसान पर बीमा राशि मिलने की शर्तें और आकलन की प्रक्रिया अलग हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में किन फसलों और क्षेत्रों को बीमा के दायरे में रखा जाएगा, यह राज्य सरकार योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिसूचित करती है। इसलिए किसानों को अपने जिले और सीजन के लिए अधिसूचित फसल व जोखिम की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
किसान को देना होता है प्रीमियम का तय हिस्सा
फसल बीमा के लिए किसान को प्रीमियम की निर्धारित राशि का हिस्सा देना होता है। बाकी प्रीमियम पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। बीमा कवर, अधिसूचित फसल और क्षेत्र के नियम राज्य, मौसम और जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
ऑनलाइन सिस्टम से बीमा और दावा प्रक्रिया
PMFBY में बीमा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसान ऑनलाइन माध्यम से बीमा के लिए आवेदन करने, अपनी पॉलिसी की स्थिति देखने और फसल नुकसान की सूचना देने जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। फसल की पैदावार और नुकसान का आकलन करने में रिमोट सेंसिंग, स्मार्टफोन, भू-स्थानिक तकनीक और डिजिटल फसल कटाई प्रयोग जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाता है। इससे फसल नुकसान का आकलन और निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से करने में मदद मिलती है।
शिकायत के लिए 14447 पर संपर्क
फसल बीमा से जुड़ी जानकारी, शिकायत या समस्या के लिए किसान कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन (KRPH) का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 14447 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है फसल बीमा
खेती में मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण अचानक फसल खराब होने पर किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। PMFBY का उद्देश्य ऐसे निर्धारित जोखिमों से होने वाले बीमित फसल नुकसान के आर्थिक प्रभाव को कम करना है, ताकि किसान नुकसान के बाद दोबारा खेती शुरू कर सके।
किसानों के लिए जरूरी : बीमा कराने से पहले अपने जिले में अधिसूचित फसल, बीमा अवधि, कवर किए गए जोखिम और दावा दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी जरूर लें। नुकसान होने की स्थिति में तय समय और प्रक्रिया के अनुसार सूचना देना भी महत्वपूर्ण है।
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