विज्ञापन
Home› Baat Pate Ki› Crackdown On Consolidation Cases In Up Officials Barred From Accepting New Cases After Process Completion Fi

UP में चकबंदी मामलों को लेकर सख्ती : प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारी नहीं ले सकेंगे नए मामले; जानें...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 25 Sep 2026 09:03 AM IST
सार

  • उत्तर प्रदेश सरकार ने चकबंदी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
  • चकबंदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित चकबंदी अधिकारियों का क्षेत्राधिकार समाप्त हो जाएगा।
  • धारा 52(1) की विज्ञप्ति जारी होने के बाद नई आपत्तियां, संदर्भ और पुनर्स्थापन प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
  • प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांव से जुड़े सभी अभिलेख तहसील प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
  • नियमों का उल्लंघन कर आदेश जारी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

चकबंदी से जुड़े मामलों में किसानों को परेशानी से बचाने की पहल
चकबंदी से जुड़े मामलों में किसानों को परेशानी से बचाने की पहल - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश में चकबंदी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में किसानों को परेशानी से बचाने के लिए अधिकारियों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के अनुसार, किसी गांव में चकबंदी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद संबंधित चकबंदी अधिकारियों का क्षेत्राधिकार भी समाप्त हो जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देशों के अनुसार, उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम-1953 की धारा 6(1) के तहत किसी गांव में चकबंदी प्रक्रिया समाप्त होने पर चकबंदी अधिकारियों का क्षेत्राधिकार समाप्त हो जाएगा। धारा 6(2) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विचाराधीन मामले स्वतः समाप्त माने जाएंगे। इसके बाद गांव से जुड़े सभी अभिलेख तत्काल तहसील प्रशासन को वापस सौंपने होंगे।

अंतिम संशोधनों के अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश
सरकार के अनुसार, अभिलेखों में किए गए अंतिम संशोधनों के आदेशों की प्रमाणित सूचियां तैयार की जाएंगी। इन सूचियों को अभिलेखागार, चकबंदी कार्यालय और तहसील में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। किसी गांव से संबंधित आदेश को रद्द कराने का मामला सामने आने पर उसे तत्काल सक्षम स्तर पर भेजने को कहा गया है। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

धारा 52(1) के बाद नई आपत्तियां स्वीकार नहीं होंगी
चकबंदी आयुक्त के निर्देशों में धारा 52(1) की विज्ञप्ति जारी होने के बाद नई आपत्तियां, संदर्भ या पुनर्स्थापन प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं करने को कहा गया है। निर्देशों में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के एक फैसले का भी हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामलों को दोबारा शुरू करना क्षेत्राधिकार से बाहर और न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आ सकता है। सरकार के अनुसार, इन नियमों का उल्लंघन कर आदेश जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


विज्ञापन
विज्ञापन