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Home› Baat Pate Ki› Kaam Ke Yantra› Kisankraft Launches Electric Farm Equipment To Cut Farmers Costs By Over 90

खेतों में नहीं गूंजेगा पेट्रोल इंजन: बैटरी से चलेगी खेती, 90% तक घटेगा किसानों का खर्च, 2 नए कृषि यंत्र लॉन्च

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Umashankar Mishra Updated Thu, 16 Jul 2026 08:36 PM IST
सार

  • एग्रीटेक स्टार्टअप ने दो नए इलेक्ट्रिक कृषि उपकरण लॉन्च किए हैं, जो खेती की लागत घटा सकते हैं। 
  • कंपनी का दावा है कि इससे ऊर्जा खर्च ₹170 से घटकर लगभग ₹10 प्रति घंटा रह जाएगा। 
  • एक चार्ज में 3.5 से 4 घंटे काम करेंगे ये उपकरण। इन्हें भारतीय खेतों व मौसम के अनुसार डिजाइन किया गया है।  

खेती होगी सस्ती और आसान, नई इलेक्ट्रिक मशीनें एक चार्ज में करेंगी घंटों काम
खेती होगी सस्ती और आसान, नई इलेक्ट्रिक मशीनें एक चार्ज में करेंगी घंटों काम - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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छोटे और मध्यम किसानों के लिए दो नई इलेक्ट्रिक कृषि मशीनें बाजार में आई हैं, जो खेती को सस्ता और आसान बना सकती हैं। इनमें E-Inter Cultivator और E-Self Propelled Reaper शामिल हैं। इन मशीनों को एग्रीटेक कंपनी किसानक्राफ्ट ने लॉन्च किया है। 
कंपनी का दावा है कि ये मशीनें किसानों की ईंधन लागत में 90 प्रतिशत से ज्यादा की बचत कर सकती हैं।

₹170 की जगह अब सिर्फ ₹10 प्रति घंटे का खर्च
किसानक्राफ्ट के अनुसार पेट्रोल से चलने वाली समान मशीनों पर किसानों का खर्च लगभग ₹170 प्रति घंटा आता है। वहीं नई इलेक्ट्रिक मशीनों के इस्तेमाल से यह खर्च घटकर करीब ₹10 प्रति घंटा रह जाता है। कंपनी का मानना है कि लगातार बढ़ती पेट्रोल कीमतों और खेती में मजदूरों की कमी को देखते हुए यह तकनीक छोटे किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।

एक चार्ज में घंटों तक लगातार काम
E-Inter Cultivator खरपतवार नियंत्रण और इंटरकल्चर कार्यों के लिए बनाई गई है। इसमें 32 J-शेप ब्लेड लगे हैं और यह लगभग एक घंटे में एक एकड़ खेत तैयार कर सकती है। यह मशीन एक बार चार्ज होने पर करीब 3.5 घंटे तक लगातार काम करती है। वहीं E-Self Propelled Reaper धान, गेहूं, बाजरा और सोयाबीन जैसी फसलों की कटाई के लिए तैयार की गई है। यह भी लगभग एक एकड़ प्रति घंटे की क्षमता रखती है और 4 घंटे तक लगातार काम कर सकती है।

भारतीय खेतों के हिसाब से तैयार हुई मशीनें
कंपनी ने बताया कि इन मशीनों का परीक्षण देश के अलग-अलग राज्यों, मिट्टी और मौसम की परिस्थितियों में किया गया है। सूखी, गीली और कीचड़ वाली जमीन पर 100 घंटे से अधिक परीक्षण के बाद इन्हें बाजार में उतारा गया है। E-Inter Cultivator को FMTTI से भी मंजूरी मिल चुकी है। नई मशीनों में Lithium Iron Phosphate (LFP) बैटरी दी गई है, जिसकी अनुमानित क्षमता 2,000 से 2,500 चार्ज साइकिल तक है।

किसानक्राफ्ट के सीईओ अमित शर्मा ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से भारतीय खेती पेट्रोल इंजन पर निर्भर रही है, लेकिन अब समय बदल रहा है। उन्होंने कहा कि जब मशीन चलाने की लागत ₹170 से घटकर ₹10 प्रति घंटा रह जाती है, तो मशीन किसान पर बोझ नहीं बल्कि कमाई का साधन बन जाती है। कंपनी ने बताया कि दोनों नई मशीनों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। ये मशीनें देशभर में मौजूद 5,000 से अधिक डीलरों के माध्यम से उपलब्ध होंगी। 
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