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Farmers Will Get Up To 55 Subsidy On Drip And Sprinkler Irrigation And Rs 40 000 For Boring
किसानों के काम की खबर: ड्रिप और स्प्रिंकलर पर 55% तक सब्सिडी, बोरिंग के लिए भी मिलेंगे 40 हजार रुपये
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sun, 27 Sep 2026 07:00 PM IST
सार
बिहार के किसानों को ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर लगाने पर 55 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। बोरिंग और पंप सेट के लिए 40 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता का भी प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए बिहार कृषि एप से आवेदन करना होगा।
किसानों को सिंचाई में पानी की बचत और लागत कम करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर पर 55 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा बोरिंग पंप सेट योजना के तहत पात्र किसानों को 40 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता भी दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बिहार कृषि ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
किन सिंचाई उपकरणों पर मिलेगी सब्सिडी?
योजना के मुताबिक, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत खेत में पानी पहुंचाने के लिए कई तरह के उपकरण लगाए जा सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से ड्रिप सिंचाई, मिनी स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर शामिल हैं। इन उपकरणों की स्थापना पर किसानों को सरकार की ओर से 55 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
बोरिंग कराने पर 40 हजार रुपये की मदद
अगर किसान खेत में सिंचाई की सुविधा के लिए बोरिंग और पंप सेट लगवाना चाहते हैं तो उन्हें बोरिंग पंप सेट योजना का लाभ भी मिल सकता है। इसके तहत 40 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है। यह राशि बोरिंग का काम पूरा होने के बाद दी जाएगी।
सिंचाई में पानी की होगी बचत
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई से खेत में जरूरत के मुताबिक पानी पहुंचाया जा सकता है। इससे पानी की अनावश्यक बर्बादी कम होती है। ड्रिप सिंचाई में पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है, जबकि स्प्रिंकलर से पानी फुहार के रूप में फसल तक पहुंचाया जाता है। कृषि विभाग के अनुसार, सिंचाई के इन तरीकों से किसान पानी का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। जरूरत के मुताबिक पानी मिलने से फसल को अधिक पानी देने से होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकता है।
बिहार कृषि एप से करना होगा आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने मोबाइल फोन में बिहार कृषि एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद एप के माध्यम से योजना के लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों का चयन किया जाएगा और चयनित किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है योजना?
खेती में सिंचाई सबसे जरूरी कामों में से एक है, लेकिन आधुनिक सिंचाई उपकरण खरीदना छोटे और सीमांत किसानों के लिए महंगा हो सकता है। ऐसे में सरकारी अनुदान से किसानों को कम लागत में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीक अपनाने का अवसर मिलता है। इससे पानी की बचत के साथ सिंचाई का खर्च और मेहनत कम करने में मदद मिल सकती है।
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