पंजाब के मोगा जिले के खोसा पांडू गांव में 11 युवाओं ने मिलकर जैविक खेती का एक अलग मॉडल तैयार किया है। साल 2016 में शुरू हुए हरियावल ग्रुप में युवा खेती से लेकर फसलों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग तक का काम खुद संभालते हैं। करीब 15 एकड़ जमीन पर खेती करने वाले इस समूह में सब्जियों की बिक्री से हर महीने नियमित वेतन मिलता है, जबकि बाकी मुनाफे को दोबारा खेती में लगाया जाता है। इस वीडियो में जानिए कि ये युवा फसल चक्र, एक साथ कई फसलों की खेती, प्राकृतिक तरीके से खरपतवार नियंत्रण और हल्दी, चावल व गन्ने की प्रोसेसिंग के जरिए अपनी खेती को व्यवसाय का रूप कैसे दे रहे हैं। यह मॉडल खेती को रोजगार का साधन बनाने और ग्रामीण युवाओं का पलायन रोकने की एक पहल है।