केंद्र सरकार ने पशुओं को खिलाए जाने वाले आहार और उससे जुड़ी जरूरी सामग्रियों की शुद्धता पक्की करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पशु आहार एवं पशु आहार सामग्री (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2026 जारी कर दिया गया है।जानकारी के मुताबिक, यह नया आदेश भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) अधिनियम, 2016 के तहत लाया गया है और सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही यह लागू भी हो गया है।
इन तीन उत्पादों पर लागू होगा नया नियम
सरकार के अनुसार, फिलहाल पशुओं को दिए जाने वाले आहार से जुड़े तीन तरह के उत्पादों को इस नए नियम के दायरे में रखा गया है। इनमें सबसे पहला उत्पाद पशु आहार में इस्तेमाल होने वाला मिनरल मिक्सचर है, जिसके लिए भारतीय मानक आईएस 1664 तय किया गया है। दूसरा उत्पाद डाइकैल्शियम फॉस्फेट (फीड ग्रेड) है, जिसे आईएस 5470 मानक के तहत रखा गया है। इसके अलावा, पशुओं के खाने वाले साधारण नमक और कैटल लिक्स के लिए आईएस 920 मानक का पालन अनिवार्य किया गया है। अब से इन सभी उत्पादों का उत्पादन इनके लिए तय किए गए भारतीय मानकों को ध्यान में रखकर करना होना।
कंपनियों को लेना होगा लाइसेंस और लगाना होगा बीआईएस मार्क
इस कदम के बाद पशु आहार उत्पादों पर कंपनियों को बीआईएस स्टैंडर्ड वाला थप्पा अनिवार्य रूप से लगाना होगा। इसके लिए पशु आहार कंपनियों को भारतीय मानक ब्यूरो से लाइसेंस लेना पड़ेगा। चारा बनाने वालों के साथ इसकी सामग्री बनाने वाली कंपनियों को भी इस नियम का पालन करना होगा।
नियम मानने के लिए मिला अलग-अलग समय, निर्यात को मिली छूट
सरकार ने कारोबारियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए, नियम लागू करने के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की है। सामान्य या बड़े उद्यमों को 1 अप्रैल 2027 से इन मानकों का पालन करना होगा। वहीं, छोटे उद्यमों के लिए 1 जुलाई 2027 और सूक्ष्म उद्यमों के लिए 1 अक्टूबर 2027 से यह नियम अनिवार्य होगा। सरकार के अनुसार, इस फैसले से छोटे कारोबारियों को बड़े उद्योगों की तुलना में अपनी व्यवस्था सुधारने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा।
इसके साथ ही, नए नियम में सरकार की ओर से एक बड़ी छूट भी दी गई है। जो पशु आहार या सामग्री केवल विदेशों में निर्यात (भेजने) के लिए बनाई जाएगी, उस पर यह आदेश लागू नहीं होगा। सरकारी आदेश में बताया गया है कि इस पूरे नियम की निगरानी और जांच की अहम जिम्मेदारी भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) को सौंपी गई है। बीआईएस ही इन उत्पादों को प्रमाण पत्र देगा और नियमों का सख्ती से पालन कराने का काम भी करेगा।