देश में स्वास्थ्य और प्रोटीन के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण अंडों का बाजार तेजी से बदल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब बाजार में सफेद या भूरे अंडों के साथ कई खास तरह के प्रीमियम अंडे भी जगह बना रहे हैं। एक सामान्य अंडा का फुटकर भाव 8.50 से 9 रुपये के बीच मिल जाता है। वहीं, ये खास अंडे 30 रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। अंडों की इन नई किस्मों ने मुर्गीपालक किसानों के लिए आमदनी बढ़ाने का एक बड़ा अवसर पैदा कर दिया है।
प्रीमियम अंडों का बाजार पर कम कब्जा, पर सालाना बढ़त अच्छी
बाजार में अब कई तरह के अंडों की मांग है, जिनमें फ्री-रेंज (खुले में पाली गई मुर्गियों के अंडे), केज-फ्री (बिना पिंजरे के पाली गई मुर्गियां), देसी और ऑर्गेनिक अंडे शामिल हैं। इसके अलावा, ओमेगा-3, विटामिन डी3, फोलेट और ज्यादा प्रोटीन वाले अंडे भी चलन में हैं। जानकारों के अनुसार, 2025-26 के अनुमान के मुताबिक देश में कुल उत्पादन का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा आज भी खुले सामान्य अंडों का है। लेकिन प्रीमियम अंडों का बाजार हर साल 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
प्रीमियम अंडों की उत्पादन लागत ज्यादा
विशेषज्ञों के अनुसार, एक सामान्य अंडे की उत्पादन लागत अब 5.50 रुपये को पार कर चुकी है और यह जल्द ही 6 रुपये से ऊपर जा सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण मुर्गियों के दाने की कीमत का बढ़ना है, जो कुल उत्पादन लागत का लगभग 75 प्रतिशत होता है।
ऑर्गेनिक अंडे के लिए किसानों को 16 रुपये का दाम
मुर्गीपालक खेती के तरीके बदलकर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। फ्री-रेंज या केज-फ्री तरीके से मुर्गीपालन करने पर लागत 20 से 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, क्योंकि इसमें ज्यादा जमीन और मजदूरों की जरूरत होती है। हालांकि, इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है। एक खास मॉडल के तहत, किसानों के नेटवर्क को 25 रुपये में बिकने वाले ऑर्गेनिक अंडे के लिए लगभग 16 रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
अंडों में प्रोटीन-विटामिन बढ़ाने का तरीका? दाने का खेल
जानकारों का कहना है कि मुर्गियों के दाने में बदलाव करके अंडे का प्रोटीन नहीं बढ़ाया जा सकता। अंडे में प्रोटीन की मात्रा केवल अंडे के आकार (साइज) पर निर्भर करती है। 50 से 60 ग्राम के एक सामान्य अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि 61 से 65 ग्राम के बड़े अंडे में लगभग 7 ग्राम प्रोटीन होता है। सही और खास तरह का दाना देकर अंडों में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन (जैसे- ए, डी3 और ई) की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। अंडे का भूरा या सफेद होना केवल मुर्गी की नस्ल पर निर्भर करता है, इसका पोषण से कोई संबंध नहीं है। वहीं, अंडे की जर्दी का रंग दाने पर निर्भर करता है। मक्का खिलाने से जर्दी पीली होती है और कैरोटीनॉयड वाले तत्व खिलाने से जर्दी का रंग गहरा नारंगी हो जाता है। ज्यादा चमकदार जर्दी का मतलब यह नहीं है कि उसमें पोषण ज्यादा है।
प्रीमियम अंडों के बाजार नियमों का पालन
प्रीमियम अंडों के बाजार में पैकिंग और सही जानकारी का बड़ा महत्व है। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, अप्रैल 2025 से राज्य में बिकने वाले हर अंडे पर उसके उत्पादन की तारीख और खराब होने की तारीख की मुहर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों और मुर्गीपालकों को साफ, बिना टूटे छिलके वाले अंडों की सही पैकिंग और सुरक्षित भंडारण पर ध्यान देना चाहिए, ताकि वे बाजार से इन 'प्रीमियम' अंडों की पूरी कीमत हासिल कर सकें।