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चैंपियन भैंसा : नाम विधायक, रुतबा नवाबों वाला, कीमत 15 करोड़... UP-बिहार तक 23 बार लहराया जीत का परचम

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 26 Oct 2026 07:21 PM IST
सार

हरियाणा के पानीपत में मुर्रा नस्ल का भैंसा (झोटा) ‘विधायक’ चर्चा में है। इसकी अनुमानित कीमत 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जानें 23 बार चैंपियन रहे इस झोटे की खासियत और इसके मालिक पद्मश्री नरेंद्र सिंह की कहानी।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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हरियाणा के पानीपत जिले के गांव डिडवाड़ी में एक ऐसा भैंसा है, जिसकी चर्चा उसकी ताकत, शानदार कद-काठी और प्रतियोगिताओं में लगातार जीत के लिए हो रही है। नाम है ‘विधायक’ और इसकी अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। साढ़े पांच साल की उम्र में यह झोटा (भैंसा) अलग-अलग पशु प्रतियोगिताओं में 23 बार पहला स्थान हासिल कर चुका है। इसकी एक और खास बात यह है कि यह मुर्रा नस्ल का है, जिसे दूध उत्पादन और नस्ल सुधार के लिहाज से खास माना जाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘विधायक’ के मालिक पद्मश्री सम्मानित पशुपालक नरेंद्र सिंह हैं। करीब तीन दशक से पशुपालन और नस्ल सुधार के क्षेत्र में जुटे नरेंद्र सिंह पहले भी ‘गोलू’ और ‘गोलू-2’ जैसे चर्चित झोटे तैयार कर चुके हैं। अब ‘विधायक’ ने उनकी पहचान को एक नई ऊंचाई दी है।

23 बार जीत, हर प्रतियोगिता में अलग पहचान
‘विधायक’ की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह हरियाणा ही नहीं, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में आयोजित पशु प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बना चुका है। अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, वह अब तक 23 बार प्रथम स्थान हासिल कर चुका है। इससे पहले फरवरी 2026 में आई रिपोर्टों में उसकी 21 से अधिक जीत का जिक्र था।

करीब साढ़े पांच फीट ऊंचाई और मजबूत शरीर वाला यह झोटा पशुपालकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रतियोगिताओं में उसकी लगातार जीत ने उसे मुर्रा नस्ल के चर्चित पशुओं में शामिल कर दिया है।

कुरुक्षेत्र में मिले दो बड़े पुरस्कार
फरवरी 2026 में कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वीं राज्यस्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में ‘विधायक’ ने दो प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार जीते थे। उसे प्रजनन चैंपियन का खिताब मिला, जिसके साथ 2.51 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा मुर्रा वयस्क वर्ग में पहला स्थान हासिल करने पर 51 हजार रुपये भी मिले। इन उपलब्धियों ने उसकी लोकप्रियता को और बढ़ाया। पशुधन प्रदर्शनियों में ऐसे पशुओं को मिलने वाली पहचान से अच्छी नस्लों के संरक्षण और प्रजनन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

काजू-बादाम से लेकर खास देखभाल तक की चर्चा
‘विधायक’ के खानपान को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है। अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों में बताया गया कि प्रतियोगिताओं के दौरान उसके आहार में काजू-बादाम भी शामिल किए जाते हैं। हालांकि, उसके मालिक के अनुसार, फार्म पर पशुओं को सामान्य तौर पर आम पशु आहार दिया जाता है।

पशुपालन में केवल महंगा भोजन ही नहीं, बल्कि संतुलित पोषण, साफ-सफाई, नियमित देखभाल और पशु के स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है। अच्छी देखभाल और नस्ल सुधार के प्रयास ही किसी पशु की क्षमता को निखारने में अहम भूमिका निभाते हैं।

आखिर 15 करोड़ रुपये क्यों बताई जा रही है कीमत?
‘विधायक’ की अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, यह अनुमानित कीमत है, किसी वास्तविक बिक्री का प्रमाण नहीं। उसकी लोकप्रियता के पीछे लगातार प्रतियोगिताओं में जीत, शानदार शारीरिक बनावट और अच्छी नस्ल के प्रजनन में उसकी संभावित उपयोगिता जैसे कारण बताए जाते हैं।

मुर्रा नस्ल के झोटों की पहचान केवल उनके आकार या प्रदर्शन से नहीं होती। उनकी नस्लीय विशेषताएं और प्रजनन क्षमता भी पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। इसी वजह से बेहतरीन नस्ल के पशुओं को लेकर पशुपालन जगत में खास दिलचस्पी रहती है।

नरेंद्र सिंह की मेहनत ने दिलाई नई पहचान
पानीपत के डिडवाड़ी गांव के नरेंद्र सिंह ने करीब तीन दशक तक पशुपालन और नस्ल सुधार के क्षेत्र में काम किया है। उनके योगदान के लिए वर्ष 2019 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। ‘गोलू’ और ‘गोलू-2’ के बाद अब ‘विधायक’ उनकी मेहनत और पशुपालन के प्रति लगन का नया उदाहरण बनकर सामने आया है।

‘विधायक’ की कहानी बताती है कि पशुपालन केवल दूध उत्पादन तक सीमित नहीं है। अच्छी नस्लों का संरक्षण, बेहतर प्रजनन और वैज्ञानिक तरीके से देखभाल इस क्षेत्र में पशुपालकों को नई पहचान और आर्थिक अवसर दे सकते हैं।
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