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Diwali 2026: धन तो मिलेगा, लेकिन संभालेगा कौन? दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा का जानें रहस्य

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Fri, 06 Nov 2026 12:21 PM IST
सार

Diwali 2026: दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा क्यों की जाती है? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता, महत्व और लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त।

दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा का जानें रहस्य
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा का जानें रहस्य - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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दीपावली का त्योहार रोशनी, खुशियों और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी धन, वैभव और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं, जबकि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और शुभता के देवता हैं। लेकिन सवाल यह है कि दिवाली पर इन दोनों की पूजा एक साथ क्यों की जाती है? इसके पीछे एक खास धार्मिक संदेश छिपा है। 

मान्यता के अनुसार, जीवन में केवल धन होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका सही इस्तेमाल करने के लिए बुद्धि और विवेक भी जरूरी है। आइए जानते हैं कि दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की एक साथ पूजा करने का क्या महत्व है।

दिवाली 2026: लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना गया है।
  • दिवाली की तारीख : 8 नवंबर 2026, रविवार
  • लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त : शाम 5:54 से 7:50 बजे तक
  • पूजा की अवधि : 1 घंटा 56 मिनट
  • प्रदोष काल : शाम 5:31 से रात 8:09 बजे तक

मां लक्ष्मी धन की देवी, गणेश जी बुद्धि के देवता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी हैं। वहीं, भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और शुभ कार्यों की शुरुआत का देवता माना जाता है। दिवाली पर दोनों की एक साथ पूजा करने का संदेश है कि जीवन में धन के साथ बुद्धि का होना भी जरूरी है।

केवल धन होने से जीवन खुशहाल नहीं बनता। यदि व्यक्ति के पास सही निर्णय लेने की क्षमता और विवेक नहीं है, तो वह अपनी संपत्ति का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता। इसलिए मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है, ताकि घर में धन के साथ सुख, शांति और सद्बुद्धि भी बनी रहे।

बिना बुद्धि के धन बन सकता है परेशानी की वजह
धार्मिक मान्यताओं में बताया गया है कि धन के साथ सद्बुद्धि होना बेहद जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति के पास बहुत पैसा हो, लेकिन उसे सही तरीके से इस्तेमाल करने की समझ न हो, तो वह गलत फैसले ले सकता है। कई बार धन का घमंड व्यक्ति को अहंकारी बना देता है। इससे परिवार और समाज में भी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। इसीलिए दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इसका संदेश है कि धन प्राप्त करने के साथ उसका सही उपयोग करना भी सीखना चाहिए।

गणेश जी की कृपा से होता है धन का सही इस्तेमाल
धन कमाना जितना जरूरी है, उसे संभालकर रखना और सही कामों में लगाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए अच्छी समझ और सही निर्णय लेने की क्षमता जरूरी होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश व्यक्ति को सद्बुद्धि और विवेक प्रदान करते हैं।

जब व्यक्ति के पास बुद्धि होती है, तो वह अपनी कमाई का सही इस्तेमाल करता है, परिवार की जरूरतों को पूरा करता है और भविष्य के लिए बचत भी करता है। यही वजह है कि दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा की परंपरा है। दोनों की आराधना के माध्यम से जीवन में धन, बुद्धि और खुशहाली के संतुलन का संदेश दिया जाता है।
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