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सरसों में तेल की धार बढ़ाएगा सल्फर : दाने बढ़ाने ले लिए सही समय पर दें इतनी मात्रा, जानें

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 05 Oct 2026 06:36 PM IST
सार

सरसों में सल्फर की कमी से फसल की गुणवत्ता और उपज प्रभावित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, किसान बुवाई के समय 8-10 किलो बेंटोनाइट सल्फर प्रति एकड़ दे सकते हैं। अगर बुवाई के समय सल्फर नहीं दिया है तो पहली सिंचाई के दौरान 3-4 किलो WDG सल्फर प्रति एकड़ देने की सलाह है।

सरसों की फसल 
सरसों की फसल  - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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सरसों की फसल में अच्छी उपज और बेहतर गुणवत्ता के लिए सल्फर (गंधक) जरूरी पोषक तत्व है। सल्फर की सही मात्रा मिलने से सरसों के दानों में तेल की मात्रा बढ़ाने और दानों की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसान इसे फसल की अवस्था और मिट्टी की जरूरत के अनुसार सही समय पर दें।

बुवाई के समय सल्फर देना सबसे अच्छा
सरसों की बुवाई के समय खेत की अंतिम जुताई या बुवाई के दौरान सल्फर देना सबसे प्रभावी माना जाता है। 
  • बेंटोनाइट सल्फर : 90 प्रतिशत सल्फर वाले बेंटोनाइट सल्फर की 8 से 10 किलो मात्रा प्रति एकड़ दी जा सकती है।
  • SSP का इस्तेमाल : अगर किसान बुवाई के समय डीएपी की जगह सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अलग से सल्फर देने की जरूरत नहीं पड़ सकती। SSP में करीब 11 प्रतिशत सल्फर और 16 प्रतिशत फास्फोरस होता है। इसके लिए करीब 3 से 4 बैग (150 से 200 किलो) प्रति एकड़ की मात्रा बताई गई है।

बुवाई के समय सल्फर देने से पौधों को शुरुआत से पोषक तत्व मिलते हैं और जड़ों के बेहतर विकास में मदद मिलती है।

पहली सिंचाई के समय भी दे सकते हैं सल्फर
अगर बुवाई के समय सल्फर नहीं दिया है तो किसान बुवाई के 25 से 35 दिन बाद पहली सिंचाई के समय इसकी पूर्ति कर सकते हैं। इसके लिए 80 या 90 प्रतिशत सल्फर वाले WDG की करीब 3 से 4 किलो मात्रा प्रति एकड़ इस्तेमाल की जा सकती है।

किसान रखें इन बातों का ध्यान
सल्फर की मात्रा मिट्टी की जांच, फसल की स्थिति और पहले दिए गए उर्वरकों के आधार पर तय करना बेहतर है। किसान जरूरत से ज्यादा सल्फर न डालें। मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरक की मात्रा तय करने से लागत नियंत्रित रखने और फसल को संतुलित पोषण देने में मदद मिलती है।
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