विज्ञापन
Home› Kheti Kisani› Krishi Vyapar› Digital Libraries Reach 57 600 Panchayats Presence Limited To Just 76 Locations In 2017 Cm Yogi Shares Data

57,600 पंचायतों में पहुंची डिजिटल लाइब्रेरी : 2017 में मात्र 76 जगहों पर मौजूदगी, CM योगी ने साझा किए आंकड़े

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Mon, 05 Oct 2026 01:31 PM IST
सार

  • यूपी की 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंची डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा
  • 2017 में सिर्फ 76 जगहों पर थी डिजिटल लाइब्रेरी, सीएम योगी ने साझा किए आंकड़े
  • गांवों में कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें उपलब्ध
  • यूपी में करीब 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट बांटे गए
  • 32 हजार से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास और 15 हजार से ज्यादा में ICT लैब स्थापित

सीएम योगी ने कहा, डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में ज्ञान का डिजिटल द्वार खुला
सीएम योगी ने कहा, डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में ज्ञान का डिजिटल द्वार खुला - फोटो : गांव जंक्शन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बीते सालों में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल लाइब्रेरी की पहुंच तेजी से बढ़ी है। सीएम योगी के अनुसार, प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी पहुंची है, जिससे ग्रामीण इलाकों में ज्ञान का डिजिटल द्वार खुला है।

2017 में मात्र 76 जगहों पर डिजिटल लाइब्रेरी
सोशली मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए सीएम योगी ने बताया कि साल 2017 में राज्य और जिला स्तर पर मात्र 76 जगहों पर डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा थी। आज यह सुविधा 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंची है। सीएम ने ग्रामीण बच्चों की चुनौतियों का जिक्र करते हुए लिखी कि ग्रामीण बच्चों को किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और किताबों के लिए शहर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनो का खर्च होता था। अब पढ़ाई से जुड़े संसाधन पास होने से बच्चों का वही समय और पैसा पढ़ाई में में उपयोग हो रहा है।

बहराइच के खसहा मोहम्मदपुर का उदाहरण और लाइब्रेरी की सुविधाएं
सीएम योगी ने बहराइच जिले के तहत आने वाले खसहा मोहम्मदपुर का उदाहरण दिया कि वहां ग्राम पंचायत सचिवालय में स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी ने शहर की दूरी को खत्म कर दिया है। इस लाइब्रेरी में कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट और वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें और नेशनल बुक ट्रस्ट का साहित्य मौजूद है।

सीएम योगी के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिवालय अब प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ ज्ञान और तकनीक के केंद्र के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, जिससे बच्चों को किताबें और डिजिटल कंटेंट दोनों गांव में ही मिल रहे हैं।

60 लाख युवाओं को टैबलेट-स्मार्टफोन और स्कूलों में स्मार्ट क्लास
सीएम द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में लगभग 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए गए हैं। इसके साथ ही, प्रदेश के 32,000 से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और 15,000 से अधिक
विद्यालयों में आईसीटी (ICT) लैब की स्थापना की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 से 2016 के बीच सरकारी बजट होने के बावजूद 6.22 लाख बच्चों को किताबें और 97 लाख बच्चों को यूनिफॉर्म नहीं मिल पाई थी। सीएम के अनुसार, संसाधनों की उपलब्धता और उन तक सीधी पहुंच बनने से अब अभिभावकों में भी भरोसा बढ़ा है, क्योंकि उनके बच्चों को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों के लिए गांव से दूर नहीं जाना पड़ रहा है और ज्ञान की रोशनी सीधे बच्चों के द्वार तक पहुंच रही है।


विज्ञापन
विज्ञापन