रबी सीजन शुरू हो गया है। अधिकतर किसानों ने धान की कटाई पूरी ली है। ऐसे में किसान खेत खाली न छोड़ें, रबी की तैयारी शुरू कर दें। गेहूं, सरसों, चना और दूसरी रबी फसलों की अच्छी पैदावार के लिए बुवाई से पहले की तैयारी बेहद अहम है। किसान अभी से मिट्टी की जांच, अच्छे बीज का चयन, बीज उपचार, खेत की तैयारी और सिंचाई की व्यवस्था कर लें।
समय पर खेत तैयार करने से बुवाई सही समय पर होगी और फसल की अच्छी बढ़वार में मदद मिलेगी। इसके लिए मिट्टी की जांच से लेकर बीज, सिंचाई और खाद की व्यवस्था अभी से कर लेना फायदेमंद रहेगा।
1. सबसे पहले मिट्टी की जांच कराएं
रबी की फसल बोने से पहले मिट्टी की जांच जरूर कराएं। इससे खेत में मौजूद पोषक तत्वों की स्थिति पता चलेगी और उसी के अनुसार खाद एवं उर्वरक की मात्रा तय की जा सकेगी। इससे अनावश्यक खाद डालने का खर्च भी कम किया जा सकता है और फसल को जरूरत के मुताबिक पोषण मिलेगा।
2. अच्छी गुणवत्ता वाला बीज खरीदें
बुवाई के लिए प्रमाणित और उन्नत किस्म के बीज का चयन करें। बीज खरीदते समय उसकी किस्म, गुणवत्ता और प्रमाणन की जानकारी जरूर देखें। बेहतर बीज अच्छी फसल की पहली शर्त है।
3. बुवाई से पहले बीज उपचार करें
बीज को सीधे खेत में डालने के बजाय उचित बीज उपचार करें। इससे बीज से फैलने वाले कई रोगों से फसल को शुरुआती अवस्था में बचाने में मदद मिलती है। बीज उपचार के लिए फसल और बीज के अनुसार कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें।
4. खेत की तैयारी अभी से करें
धान की कटाई के बाद खेत की जुताई और समतलीकरण कर लें। खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना भी जरूरी है। अच्छी तरह तैयार और समतल खेत में बुआई आसान होती है और फसल को शुरुआती बढ़वार के लिए बेहतर परिस्थितियां मिलती हैं।
5. सिंचाई की व्यवस्था पहले से रखें
रबी फसलों में समय पर सिंचाई जरूरी होती है। इसलिए बुवाई से पहले ट्यूबवेल, नहर, कुएं या अन्य जल स्रोतों की उपलब्धता जांच लें। सिंचाई के साधन तैयार रहने से फसल की जरूरत के समय पानी देने में परेशानी नहीं होगी।
6. खाद-उर्वरक की व्यवस्था कर लें
बुवाई से पहले फसल की जरूरत के अनुसार खाद और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। मिट्टी जांच के आधार पर ही उर्वरकों का इस्तेमाल करें। किसानों को खाद-बीज से जुड़ी उपलब्ध सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी लेनी चाहिए।
7. कृषि विभाग की सलाह पर रखें नजर
रबी सीजन में फसल चयन, बुवाई का समय, बीज उपचार, खाद, सिंचाई और कीट-रोग प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की सलाह लेते रहें। स्थानीय मौसम और खेत की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञों की सलाह अपनाने से खेती का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
किसान अभी से बना लें रबी का पूरा प्लान
धान की कटाई के बाद खेत खाली होने का इंतजार करने के बजाय किसान मिट्टी जांच, बीज चयन, बीज उपचार, खेत की तैयारी और सिंचाई की व्यवस्था पहले ही पूरी कर लें। इससे बुआई के समय भागदौड़ कम होगी और फसल की तैयारी समय पर की जा सकेगी।
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