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Home› Kheti Kisani› Avoid These Mistakes In Sowing Mustard The Right Time And Method Will Increase The Yield

Mustard Cultivation: सरसों की बुवाई में न करें ये गलतियां, सही समय और तरीके से बढ़ेगी पैदावार

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Fri, 02 Oct 2026 08:07 PM IST
सार

  • अक्टूबर से नवंबर के पहले सप्ताह तक सरसों की बुवाई का समय
  • एक एकड़ में 1.5 से 2 किलो उपचारित बीज पर्याप्त
  • लाइन से लाइन 30 सेमी और पौधे से पौधे 10 सेमी दूरी रखें
  • बीज को 2-3 सेमी से ज्यादा गहराई में न बोएं

सरसों से पाएं ज्यादा मुनाफा
सरसों से पाएं ज्यादा मुनाफा - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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सरसों की बुवाई का समय नजदीक है। किसान अक्टूबर से नवंबर के पहले सप्ताह तक इसकी बुवाई कर सकते हैं। प्रति एकड़ 1.5 से 2 किलो उपचारित बीज, 30 सेंटीमीटर लाइन की दूरी और 2-3 सेंटीमीटर गहराई पर बुवाई करने से फसल का जमाव बेहतर हो सकता है। कृषि विशेषज्ञ के मुताबिक, अच्छी पैदावार के लिए बुवाई से पहले खेत की तैयारी, बीज उपचार और खाद के संतुलित इस्तेमाल पर खास ध्यान देना जरूरी है। खासतौर पर सरसों में सल्फर का इस्तेमाल दानों में तेल की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है।

अक्टूबर से नवंबर का पहला सप्ताह सही समय
सरसों की अच्छी फसल के लिए बुवाई का समय काफी महत्वपूर्ण है। अक्टूबर से नवंबर के पहले सप्ताह तक बुवाई को उपयुक्त माना जाता है। समय पर बुवाई करने से फसल को बढ़ने के लिए अनुकूल मौसम मिल सकता है और रोगों का खतरा भी कम किया जा सकता है।

खेत की तैयारी ऐसे करें
सरसों की बुवाई से पहले खेत की दो से तीन बार गहरी जुताई करें। इससे मिट्टी भुरभुरी हो जाती है और बीज के जमाव के लिए बेहतर स्थिति बनती है। इसके बाद खेत में पाटा चलाकर जमीन को समतल कर लें। समतल खेत में सिंचाई का पानी समान रूप से फैलता है और नमी लंबे समय तक बनी रहती है। इससे बीजों का जमाव भी एकसमान होने में मदद मिलती है।

एक एकड़ में 1.5 से 2 किलो बीज
सरसों की बुवाई के लिए हमेशा उन्नत और उपचारित बीज का इस्तेमाल करें। एक एकड़ में करीब 1.5 से 2 किलो बीज पर्याप्त माना जाता है। बुवाई से पहले बीज उपचार करने से बीज और मिट्टी से फैलने वाले रोगों से फसल को शुरुआती सुरक्षा मिल सकती है। बीज की मात्रा बहुत ज्यादा रखने से पौधों के बीच पर्याप्त जगह नहीं रहती। इससे हवा और धूप का संचार प्रभावित हो सकता है और रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

लाइन से लाइन 30 सेंटीमीटर दूरी रखें
बुवाई के दौरान खेत में पौधों की दूरी का भी ध्यान रखें। लाइन से लाइन की दूरी करीब 30 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी करीब 10 सेंटीमीटर रखी जा सकती है। बीज को 2 से 3 सेंटीमीटर गहराई में ही बोएं। बहुत गहराई में बीज डालने से जमाव प्रभावित हो सकता है। वहीं, उचित दूरी पर पौधे होने से उन्हें पर्याप्त धूप और हवा मिलती है, जिससे पौधों की बढ़वार बेहतर हो सकती है।

नाइट्रोजन, फास्फोरस और सल्फर का संतुलित इस्तेमाल
सरसों की अच्छी पैदावार के लिए खाद का संतुलित इस्तेमाल जरूरी है। बुवाई के समय नाइट्रोजन, फास्फोरस और सल्फर की जरूरत के अनुसार मात्रा खेत में दें। खाद की सही मात्रा मिट्टी की जांच और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर तय करना बेहतर है।

सरसों की फसल में सल्फर महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। इसका पर्याप्त इस्तेमाल दानों में तेल की मात्रा बढ़ाने में मदद कर सकता है। संतुलित पोषण से पौधों की जड़ और बढ़वार बेहतर होती है और फसल को विपरीत मौसम का सामना करने में मदद मिल सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान
  • अक्टूबर से नवंबर के पहले सप्ताह तक बुवाई का लक्ष्य रखें।
  • प्रति एकड़ 1.5-2 किलो उपचारित बीज इस्तेमाल करें।
  • लाइन से लाइन की दूरी करीब 30 सेंटीमीटर रखें।
  • पौधे से पौधे की दूरी करीब 10 सेंटीमीटर रखें।
  • बीज को 2-3 सेंटीमीटर से ज्यादा गहराई में न बोएं।
  • बुवाई से पहले खेत को भुरभुरा और समतल करें।
  • नाइट्रोजन, फास्फोरस और सल्फर का संतुलित इस्तेमाल करें।
  • खाद की मात्रा मिट्टी की जांच और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह से तय करें।

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