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Poultry: मध्य पूर्व में डिमांड से भारत के पोल्ट्री निर्यात में बढ़ोतरी, 6 महीने में 1,288 करोड़ का कारोबार

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Sun, 09 Nov 2025 07:49 AM IST
सार

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के अंडा निर्यात की मांग जनवरी 2026 तक मजबूत बनी रहेगी। मध्य पूर्व के बाजारों में स्थिर आपूर्ति और उच्च गुणवत्ता बनाए रखने से भारतीय पोल्ट्री निर्यातकों को लंबी अवधि में भी लाभ मिलने की संभावना है।

पोल्ट्री
पोल्ट्री - फोटो : ai
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विस्तार
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भारत के पोल्ट्री उद्योग के लिए मौजूदा वित्त वर्ष शानदार साबित हो रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में पोल्ट्री निर्यात दोगुना बढ़कर लगभग 149 मिलियन डॉलर (₹1,288.63 करोड़) पहुंच गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से मध्य पूर्व देशों — विशेषकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान से अंडों की मजबूत मांग के कारण हुई है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में पोल्ट्री निर्यात 71.16 मिलियन डॉलर का था।

UAE बना सबसे बड़ा खरीदार
पारंपरिक रूप से ओमान भारत के अंडों का सबसे बड़ा खरीदार रहा है, लेकिन इस साल की पहली छमाही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने उसे पीछे छोड़ दिया है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ कमर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टैटिस्टिक्स (DGCIS) के आंकड़ों के अनुसार, UAE ने हाल के महीनों में भारतीय अंडों की बड़ी खेप खरीदी है।

ऑल इंडिया पोल्ट्री एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव वल्सन परेमेश्वरन ने बताया, “UAE ने पिछले साल भारतीय अंडों के लिए बाजार खोला था। अब वे बड़े पैमाने पर आयात कर रहे हैं और हमारी गुणवत्ता को बहुत अच्छी तरह स्वीकार किया है।”

वैश्विक आपूर्ति संकट से भारत को मिला फायदा
पोल्ट्री निर्यात में इस उछाल का एक बड़ा कारण तुर्की और ईरान में उत्पादन संबंधी समस्याओं के चलते वैश्विक आपूर्ति में कमी है। दोनों देश परंपरागत रूप से मध्य पूर्व बाजार को अंडों की आपूर्ति करते थे, लेकिन उत्पादन घटने से भारतीय अंडों की मांग में वृद्धि हुई। भारत ने इस वर्ष जून में नमक्कल (तमिलनाडु) क्षेत्र से पहली बार अमेरिका को एक करोड़ अंडों की आपूर्ति भी की थी, हालांकि बाद में अमेरिका से और ऑर्डर नहीं मिले।

जापान और इंडोनेशिया से भी बढ़ी मांग
UAE और ओमान के अलावा, जापान, इंडोनेशिया और अन्य एशियाई देशों से भी भारतीय अंडों और पोल्ट्री उत्पादों की मांग में वृद्धि देखी गई है। वल्सन परेमेश्वरन ने कहा, “भारतीय पोल्ट्री उत्पादों की मांग जनवरी तक मजबूत रहने की उम्मीद है। यह वित्त वर्ष निर्यात के लिहाज से बहुत अच्छा रहने वाला है।”

पिछले साल 9% गिरावट, अब दिखा सुधार
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत के पोल्ट्री निर्यात में लगभग 9% की गिरावट दर्ज की गई थी, जो 205 मिलियन डॉलर से घटकर 185.98 मिलियन डॉलर रह गया था (APEDA के अनुसार)। लेकिन 2025-26 की पहली छमाही में तेजी से रिकवरी हुई है और निर्यात लगभग दोगुना हो गया है।

भारत में अंडा उत्पादन में निरंतर वृद्धि
पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा जारी बेसिक एनिमल हसबेंड्री स्टैटिस्टिक्स 2024 के अनुसार,
  • देश में कुल अंडा उत्पादन 2023-24 में 142.77 अरब इकाइयों तक पहुंच गया है,
  • जो 2014-15 के 78.48 अरब इकाइयों की तुलना में 6.8% वार्षिक वृद्धि दर्शाता है।
  • 2022-23 की तुलना में भी उत्पादन में 3.18% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

राज्यवार स्थिति
भारत में अंडा उत्पादन में आंध्र प्रदेश 17.85% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है, इसके बाद —
  • तमिलनाडु: 15.64%
  • तेलंगाना: 12.88%
  • पश्चिम बंगाल: 11.37%
  • कर्नाटक: 6.63%
ये पांच राज्य मिलकर देश के कुल अंडा उत्पादन का लगभग 65% से अधिक हिस्सा रखते हैं।

निर्यात में निरंतर सुधार की उम्मीद
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के अंडा निर्यात की मांग जनवरी 2026 तक मजबूत बनी रहेगी। मध्य पूर्व के बाजारों में स्थिर आपूर्ति और उच्च गुणवत्ता बनाए रखने से भारतीय पोल्ट्री निर्यातकों को लंबी अवधि में भी लाभ मिलने की संभावना है।
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