5 नवंबर तक देश में चीनी उत्पादन बढ़कर 12.85 लाख टन हो गया है। पिछले सीजन के 36 लाख टन कैरीओवर स्टॉक के साथ घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त उपलब्धता बताई गई है।
देश में नए चीनी सीजन की शुरुआत अच्छी रही है। भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (ISMA) के मुताबिक, 5 नवंबर 2026 तक देश की 184 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है और कुल 12.85 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। पिछले साल इसी अवधि में 154 मिलों ने 3.20 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था।
महाराष्ट्र उत्पादन में सबसे आगे है। यहां 136 मिलों ने 10.78 लाख टन चीनी बनाई, जबकि पिछले साल इस अवधि में 101 मिलों से 1.23 लाख टन उत्पादन हुआ था।
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों की 19 मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है। यहां 20 हजार टन उत्पादन हुआ, जबकि पिछले साल 32 मिलों ने 1.10 लाख टन चीनी बनाई थी। कर्नाटक में विशेष सीजन से चल रही सात मिलों ने 90 हजार टन और तमिलनाडु की सात मिलों ने 64 हजार टन उत्पादन किया। गुजरात में 12 और तेलंगाना में तीन मिलों ने पेराई शुरू की। अन्य राज्यों में कुल 15 मिलों का उत्पादन 33 हजार टन रहा।
ISMA के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि पिछले सीजन का लगभग 36 लाख टन बचा हुआ स्टॉक भी उपलब्ध है। इससे त्योहारों के दौरान घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी है।
उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ज्यादातर मिलें अगले कुछ दिनों में और मध्य उत्तर प्रदेश की मिलें दिवाली के बाद शुरू होंगी। कर्नाटक में किसानों से जुड़े मुद्दे सुलझने के बाद मुख्य सीजन की पेराई शुरू होगी। इससे आने वाले हफ्तों में उत्पादन बढ़ेगा।