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उपज संग वैल्यू चेन पर फोकस : ICAR महानिदेशक डॉ. एमएल जाट बोले - बाजार की मांग के हिसाब से हो खेती

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Umashankar Mishra Updated Tue, 13 Oct 2026 07:45 PM IST
सार

नई दिल्ली एग्रीविजन का दो दिवसीय 10वां राष्ट्रीय अधिवेशन मंगलवार को शुरू हो गया है। इस अवसर पर आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि भारतीय कृषि को सिर्फ उत्पादन तक सीमित न रखकर कृषि-खाद्य मूल्य शृंखला की ओर बढ़ना होगा।

आईसीएआर-एनएएससी परिसर में एग्रीविजन का 10वां राष्ट्रीय अधिवेशन-2026 शुरू हुआ।
आईसीएआर-एनएएससी परिसर में एग्रीविजन का 10वां राष्ट्रीय अधिवेशन-2026 शुरू हुआ। - फोटो : ICAR
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विस्तार
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खेत की पैदावार बढ़ाना अब काफी नहीं, उसे बाजार तक पहुंचाना और उसका सही दाम दिलाना भी उतना ही जरूरी है। यही संदेश लेकर दिल्ली के पूसा स्थित आईसीएआर-एनएएससी परिसर में एग्रीविजन का 10वां राष्ट्रीय अधिवेशन-2026 शुरू हुआ। 13 और 14 अक्टूबर को चलने वाला यह दो दिवसीय आयोजन एग्रीविजन और आईसीएआर के कृषि शिक्षा प्रभाग के तत्वावधान में हो रहा है।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, वैज्ञानिक, वरिष्ठ अधिकारी, उद्यमी और किसान शामिल हो रहे हैं। यहां कृषि शिक्षा, तकनीकी परिवर्तन, अनुसंधान, बाजारोन्मुख कृषि, उद्यमिता और किसान-केंद्रित विकास जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।

25 राज्यों के 450 विद्यार्थी, एक साझा मंच
दसवां अधिवेशन होने के कारण यह आयोजन खास मुकाम माना जा रहा है। इसमें 25 राज्यों से कृषि एवं संबद्ध विज्ञान के लगभग 450 विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। उनके साथ जाने-माने वक्ता, वैज्ञानिक, आईसीएआर के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि उद्यमी और किसान भी एक मंच पर जुटे हैं।

सिर्फ उत्पादन नहीं, पूरी मूल्य शृंखला पर नजर
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि भारतीय कृषि को केवल उत्पादन-केंद्रित सोच तक सीमित नहीं रखा जा सकता, उसे व्यापक कृषि-खाद्य प्रणाली और मूल्य शृंखला के नजरिए से आगे बढ़ाना होगा। 

प्रो. जाट ने बाजार अनुसंधान और बाजार की जानकारी की अहमियत बताते हुए कहा कि कृषि उत्पादन को बाजार की मांग के अनुरूप ढालना होगा, तभी किसानों की लाभप्रदता बढ़ेगी। साथ ही उत्पादन को विपणन और मूल्य संवर्धन से जोड़ने की जरूरत भी उन्होंने रेखांकित की।

युवाओं से उद्यमिता और नवाचार अपनाने की अपील
आईसीएआर के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. वाई. एस. मलिक, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, इम्फाल के कुलपति डॉ. अनुपम मिश्रा और रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे।

डॉ. मिश्रा और डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों से कृषि में उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन के अवसरों का लाभ उठाने को कहा है। उन्होंने शिक्षण, अनुसंधान और कृषि प्रसार के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं का महत्व भी बताया।
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