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चीनी मिलों में गन्ने की जांच होगी पारदर्शी : गन्ना किसानों की शिकायतें सुलझाने के लिए बनेगी उच्चस्तरीय कमेटी

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Umashankar Mishra Updated Mon, 12 Oct 2026 08:53 PM IST
सार

कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों की समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार एक सप्ताह के भीतर उच्चस्तरीय संयुक्त कमेटी बनाएगी। कमेटी गन्ने की रिकवरी, वजन, लैब जांच और भुगतान से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर पारदर्शी व्यवस्था के लिए सिफारिशें देगी।

प्रस्तावित कमेटी गन्ने की कटाई के समय, रिकवरी मापने के वैज्ञानिक मानकों, आधुनिक प्रयोगशाला जांच और वजन की शुद्धता जैसे पहलुओं की समीक्षा करेगी।
प्रस्तावित कमेटी गन्ने की कटाई के समय, रिकवरी मापने के वैज्ञानिक मानकों, आधुनिक प्रयोगशाला जांच और वजन की शुद्धता जैसे पहलुओं की समीक्षा करेगी। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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गन्ना किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले और चीनी मिलों में गन्ने की रिकवरी व वजन को लेकर पारदर्शिता रहे, इसके लिए केंद्र सरकार ने पहल की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि एक सप्ताह के भीतर एक उच्चस्तरीय संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों के साथ किसान संगठनों, चीनी मिलों और वैज्ञानिकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

कर्नाटक और महाराष्ट्र से आए गन्ना किसानों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में किसानों ने गन्ने की रिकवरी के आंकड़ों में अंतर, वजन में कटौती, वेस्टेज और प्रयोगशाला जांच से जुड़ी समस्याएं उठाईं।

रिकवरी और वजन की जांच पर रहेगा जोर
किसानों की शिकायत है कि चीनी मिलों में गन्ने की वास्तविक रिकवरी और दर्ज किए गए आंकड़ों में अंतर जैसी समस्याएं उनके हितों को प्रभावित कर सकती हैं। इन मुद्दों पर चर्चा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समस्याओं का समाधान केवल तात्कालिक कदमों से नहीं, बल्कि पारदर्शी और वैज्ञानिक व्यवस्था से होना चाहिए।

प्रस्तावित कमेटी गन्ने की कटाई के समय, रिकवरी मापने के वैज्ञानिक मानकों, आधुनिक प्रयोगशाला जांच और वजन की शुद्धता जैसे पहलुओं की समीक्षा करेगी। उसे तय समय-सीमा में अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपनी होंगी।

किसानों की भागीदारी से निकलेगा समाधान
बैठक में समस्याओं के समाधान के लिए दो स्तरों पर काम करने पर सहमति बनी। पहले चरण में ऐसी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा, जिनसे किसानों को जल्द राहत मिल सके। दूसरे चरण में तकनीकी और नीतिगत सुधारों के जरिए समस्याओं का स्थायी समाधान तलाशा जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की सेवा उनके लिए भगवान की पूजा के समान है और किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

उचित मूल्य निर्धारण पर भी चर्चा
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) के निर्धारण की वैज्ञानिक प्रक्रिया और लागत आकलन के तरीकों की जानकारी दी। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों के साथ कर्नाटक सरकार के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

गन्ना किसानों के लिए रिकवरी और वजन की सही गणना इसलिए अहम है, क्योंकि इसका सीधा संबंध उनकी उपज के मूल्य और कमाई से है। ऐसे में प्रस्तावित कमेटी की सिफारिशें यह तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं कि खेत से चीनी मिल तक गन्ने के मूल्यांकन की प्रक्रिया को किस तरह अधिक पारदर्शी बनाया जाए।
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