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Farmers May Be Able To Book Fertilizers Online Through Ffs App From Rabi 2026 27
रबी सीजन में खाद की बुकिंग होगी ऑनलाइन: डिजिटल टोकन से मिलेगा उर्वरक, खाद के लिए नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर
गांव जंक्शन डेस्क, रायपुर/नई दिल्ली
Published by: Umashankar Mishra
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:38 PM IST
सार
केंद्र सरकार रबी 2026-27 से एफएफएस एप के जरिए खाद की ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल टोकन से वितरण शुरू करने की तैयारी कर रही है। इससे किसानों को कतारों से राहत और खाद वितरण में पारदर्शिता मिलने की उम्मीद है। योजना की अंतिम तारीख और विस्तृत नियमों पर आधिकारिक निर्देश आने बाकी हैं।
डिजिटल रिकॉर्ड से खाद की मांग, उपलब्ध भंडार, बुकिंग और वितरण की जानकारी एक जगह दर्ज हो सकेगी।
- फोटो : AI
रबी सीजन 2026-27 में किसानों को खाद के लिए सहकारी समितियों और दुकानों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार फार्मर्स फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) एप के जरिए खाद की ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल टोकन से वितरण व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद खाद वितरण को आसान और पारदर्शी बनाना है।
मोबाइल पर बुकिंग, क्यूआर कोड से खाद
प्रस्तावित व्यवस्था में किसान मोबाइल एप पर पंजीयन कर अपनी खेती, बोई जाने वाली फसल और उर्वरक की जरूरत से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
पात्रता और संबंधित केंद्र पर खाद की उपलब्धता के आधार पर बुकिंग की जा सकेगी। इसके बाद मोबाइल पर क्यूआर कोड वाला डिजिटल टोकन मिलेगा, जिसे दिखाकर अधिकृत केंद्र से खाद ली जा सकेगी।
इससे किसानों को लंबी कतारों में लगने और बार-बार खाद केंद्र जाने से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर बुवाई के समय किसानों का समय और आने-जाने का खर्च बच सकता है।
गांवों में किसानों को मिलेगी मदद
नई व्यवस्था को गांवों तक पहुंचाने में कृषि विभाग, सहकारी समितियों और उर्वरक विक्रेताओं की भूमिका अहम होगी। किसानों को एप पर पंजीयन, बुकिंग और डिजिटल टोकन के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। जिन किसानों को स्मार्टफोन या एप चलाने में परेशानी होगी, उन्हें स्थानीय स्तर पर सहायता देने पर भी जोर रहेगा।
खाद वितरण पर बढ़ेगी निगरानी
डिजिटल रिकॉर्ड से खाद की मांग, उपलब्ध भंडार, बुकिंग और वितरण की जानकारी एक जगह दर्ज हो सकेगी। इससे अधिकारियों को आपूर्ति पर नजर रखने और संभावित गड़बड़ियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। व्यवस्था का एक उद्देश्य खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाना भी है।
हालांकि, योजना लागू होने की अंतिम तारीख, पंजीयन की शर्तों और बुकिंग की विस्तृत प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार है। किसानों को फिलहाल इन निर्देशों के जारी होने के बाद ही पूरी व्यवस्था की जानकारी मिल सकेगी।
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