उत्तर भारत के कई राज्यों में 12 और 13 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ आंधी आ सकती है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी गरज-चमक की संभावना है। वहीं, राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में 13 अक्टूबर को तेज हवाएं चल सकती हैं। इसे देखते हुए किसानों को कटी हुई फसल और कृषि उपज सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
यूपी, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में तेज हवाओं की चेतावनी
आईएमडी के अनुसार, 12 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक की आशंका है। पंजाब में भी गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
13 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश के लिहाज से 12 और 13 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 13 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी बदलेगा मौसम
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 12 और 13 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 13 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में भी 12 और 13 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है। इन राज्यों में खेतों में पानी की निकासी का ध्यान रखने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश के कारण फसलों में जलभराव न हो।
किसानों के लिए क्या सलाह है?
जम्मू-कश्मीर के किसानों को बारिश के बाद खेत से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी है। खड़ी फसलों में सिंचाई, निराई-गुड़ाई, कीट नियंत्रण और उर्वरकों के इस्तेमाल को फिलहाल टालने की सलाह दी गई है। हिमाचल प्रदेश में खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था करें। मटर के खेतों में पानी निकालने के लिए नालियां तैयार रखें। बागवानी फसलों को सहारा दें और सब्जियों तथा छोटे पौधों को तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा लगाएं।
हरियाणा और पंजाब के किसानों को खड़ी फसलों में सिंचाई रोकने और खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं को देखते हुए कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें। खेत में रखी उपज को उड़ने से बचाने के लिए उसे अच्छी तरह बांधकर रखें।