अचानक हुई मूसलाधार बारिश से अंबाला की अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा धान भीग गया। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि छह महीने की मेहनत से तैयार फसल बारिश में भीगने से उन्हें नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है।
हरियाणा के अंबाला में कई दिनों तक बादलों की आवाजाही के बाद अचानक मौसम बदल गया। दोपहर करीब 12 बजे आसमान में घने बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा हो गया। कम रोशनी के कारण वाहन चालकों को गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई।
खुले में रखा धान भीगने से बढ़ी किसानों की चिंता
अचानक हुई बारिश का असर अंबाला अनाज मंडी में भी देखने को मिला। मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा धान बारिश में भीग गया। इससे किसानों को फसल खराब होने और नुकसान होने की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि उन्होंने छह महीने तक मेहनत करके धान की फसल तैयार की है। अब मंडी में बारिश से फसल भीगने के कारण उनकी मेहनत और कमाई पर असर पड़ सकता है।
मंडी प्रशासन के इंतजामों पर उठे सवाल
बारिश में धान भीगने के बाद मंडी प्रशासन के इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। बताया गया था कि बारिश से फसल को बचाने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन खुले में रखे धान के भीगने से इन दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल, मंडी प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई बयान सामने नहीं आया है। किसानों ने सरकार से नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देने की मांग की है।
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