विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Uttar Pradesh New Sugarcane Crushing Season Nears Bilai Mill Owes Rs 42 Crore Farmers Worried

उत्तर प्रदेश : गन्ना पेराई का नया सीजन करीब, बिलाई मिल पर 42 करोड़ रुपये बकाया; किसान परेशान

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 10 Oct 2026 12:10 PM IST
सार

  • 41.98 करोड़ रुपये बकाया: बिजनौर की बिलाई चीनी मिल पर किसानों के गन्ने का भुगतान बाकी है।

  • 10 में से 9 मिलों ने किया भुगतान: रिपोर्ट के मुताबिक, जिले की नौ चीनी मिलों ने किसानों को समय पर भुगतान कर दिया है।

  • प्रशासन ने जारी किए नोटिस: जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार, बकाया भुगतान के लिए मिल प्रबंधन पर दबाव बनाया जा रहा है।

  • किसानों का विरोध प्रदर्शन: किसान संगठन जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं।

गन्ना पेराई
गन्ना पेराई - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में गन्ने का नया पेराई सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन बिलाई चीनी मिल पर किसानों का 41.98 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। भुगतान में देरी से नाराज किसान संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द बकाया राशि दिलाने की मांग कर रहे हैं।

‘अमर उजाला’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बिजनौर की 10 चीनी मिलों में से नौ ने कथित तौर पर किसानों को समय पर गन्ने का भुगतान कर दिया है। वहीं, बिलाई चीनी मिल पर बड़ी रकम बकाया है। मिल प्रबंधन किश्तों में भुगतान कर रहा है, लेकिन अब तक पूरी बकाया राशि का निपटारा नहीं हुआ है।

प्रशासन ने मिल को जारी किए नोटिस
जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने पुष्टि की है कि बिलाई चीनी मिल पर किसानों का 41.98 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन मिल प्रबंधन पर भुगतान करने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। इस संबंध में मिल को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

नए पेराई सत्र से पहले भुगतान की मांग
गन्ने का नया पेराई सत्र नजदीक आने के साथ किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान संगठनों का कहना है कि जब तक पुराने बकाये का भुगतान नहीं होता, तब तक किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

किसान खेती की लागत चुकाने, खाद-बीज खरीदने और अगली फसल की तैयारी के लिए गन्ने के भुगतान पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में भुगतान में देरी से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। किसान संगठनों ने बिलाई चीनी मिल के भुगतान रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से दूसरे चीनी मिलों को गन्ना खरीद केंद्र आवंटित करने की मांग भी की है।

मिल प्रबंधन का भुगतान करने का दावा
बिलाई चीनी मिल के एक अधिकारी के मुताबिक, नए पेराई सत्र की शुरुआत से पहले बकाया राशि का भुगतान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, किसानों को पूरी रकम कब तक मिलेगी, इसकी स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है।

अब किसानों की नजर प्रशासन की कार्रवाई और मिल प्रबंधन के भुगतान पर है। किसान संगठन चाहते हैं कि नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले बकाया राशि का निपटारा हो, ताकि उन्हें अगली फसल की तैयारी के लिए आर्थिक परेशानी न उठानी पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन