साल 2017 के बाद से यूपी के कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव आए हैं। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह बात कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की अ सली ताकत और समृद्धि का आधार बताया है।
साल 2017 के बाद से यूपी के कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव आए हैं। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह बात कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की अ सली ताकत और समृद्धि का आधार बताया है।
कर्ज और बिचौलियों से मिली मुक्ति
मुख्यमंत्री के अनुसार, 2017 से पहले राज्य का किसान कर्ज और बदहाली में रहता था तथा उसे अपनी फसल बेचने के लिए बिचौलियों के चक्कर काटने पड़ते थे। सरकार का कहना है कि अब स्थिति बदल गई है। वर्तमान में किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत किस्म के बीज और सिंचाई की सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। इसके साथ ही, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और 'पीएम किसान सम्मान निधि' का पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों (डीबीटी के माध्यम से) में भेजा जा रहा है।
कृषि विकास दर 18 प्रतिशत तक पहुंची
आंकड़े पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दशकों से रुकी हुई सिंचाई परियोजनाएं अब पूरी कर ली गई हैं। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ा है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, आज देश के कुल खाद्यान्न (अनाज) उत्पादन में उत्तर प्रदेश अकेले 21 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। राज्य की कृषि विकास दर जो पहले 8 प्रतिशत थी, वह अब बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा, दूध, गन्ना और गेहूं के उत्पादन में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर आ गया है।
धान किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए बड़े स्तर पर धान की खरीद की गई है। वर्ष 2017 से लेकर मार्च 2026 के बीच, उत्तर प्रदेश में 80 लाख से ज्यादा किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। इसके एवज में किसानों को 1,03,833 करोड़ रुपये से ज्यादा का सीधा भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार धान के समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 71 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी भी की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके जीवन में खुशहाली लाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।