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उत्तर प्रदेश : बीसी सखियों ने किया 40 हजार करोड़ का ऐतिहासिक लेन-देन, गांव-गांव पहुंची बैंकिंग सेवाएं

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 07 Feb 2026 08:06 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश में गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने वाली बीसी सखियों ने न केवल ग्रामीणों की सुविधा बढ़ाई है, बल्कि हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए अब तक 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन कर एक नई मिसाल कायम की है।

बीसी सखियों ने किया 40 हजार करोड़ का लेन-देन
बीसी सखियों ने किया 40 हजार करोड़ का लेन-देन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में संचालित ‘एक ग्राम पंचायत-एक बीसी सखी’ योजना ग्रामीण बैंकिंग और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत कार्यरत बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सखी (बीसी सखी) के रूप में काम कर रही ग्रामीण महिलाओं ने अब तक करीब 40 हजार करोड़ रुपये का बैंकिंग लेन-देन किया है। इसके माध्यम से 106 करोड़ रुपये से अधिक का लाभांश भी अर्जित किया गया है।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में इस योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार बीसी सखियों की तैनाती की जा चुकी है, जिनके जरिए बैंकिंग सेवाएं सीधे ग्रामीणों के घर तक पहुंच रही हैं। इससे न केवल लोगों को रोजमर्रा के बैंकिंग कार्यों में सुविधा मिली है, बल्कि हजारों ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर परिवार की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।

गांव में ही मिल रही बैंक की सुविधाएं
बीसी सखियां गांवों में खाते से पैसे जमा और निकासी, मनी ट्रांसफर, लोन आवेदन, आरडी-एफडी खुलवाने सहित कई बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसके चलते ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं काटने पड़ते। योजना की शुरुआत मई 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की आसान पहुंच और स्थानीय महिलाओं को रोजगार देना था।

सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तार का लक्ष्य
राज्य की 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत अब तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया जा चुका है। इनमें से लगभग 40 हजार बीसी सखियां वर्तमान में सक्रिय रूप से गांवों में सेवाएं दे रही हैं, जिससे ग्रामीण बैंकिंग तंत्र को मजबूती मिली है।

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं बीसी सखियां
बीसी सखी योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। आज ये महिलाएं अपने गांवों में बैंकिंग की पहचान बन चुकी हैं और लोगों का भरोसा जीत रही हैं। योगी सरकार की यह पहल जहां ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रही है, वहीं महिला सशक्तिकरण की भी मजबूत मिसाल पेश कर रही है।
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