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UP: कोल्हू पर गन्ना बेचना लग रहा फायदे का सौदा, सबसे बड़े गन्ना उत्पादक मंडल के किसान मिलों के इंतजार में नहीं

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 06 Oct 2026 01:15 PM IST
सार

  • इस बार मेरठ मंडल के गन्ना किसान मिलों के शुरू होने का इंतजार करने के बजाय कोल्हू का रुख कर रहे हैं
  • किसानों का कहना है कि मिलों की तुलना में कोल्हू ज्यादा भाव और नकद भुगतान करता है
  • कोल्हू संचालक किसानों को 410 से 440 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव दे रहे हैं।
  • मेरठ यूपी का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक मंडल है, ऐसे में कोल्हू को गन्ना बेचने का यह चलन आगामी समय में चीनी मिलों के लिए चुनौती खड़ा कर सकता है।

कोल्हू को गन्ना बेचने का यह चलन आगामी समय में मिलों के लिए गन्ने की उपलब्धता के मोर्चे पर चुनौती खड़ी कर सकता है।
कोल्हू को गन्ना बेचने का यह चलन आगामी समय में मिलों के लिए गन्ने की उपलब्धता के मोर्चे पर चुनौती खड़ी कर सकता है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के टॉप गन्ना उत्पादक मंडल- मेरठ के किसान इस बार मिलों क चालू होने का इंतजार करने के बजाय अपनी उपज सीधे कोल्हू को बेच रहे हैं। कोल्हू को उपज बेचने से किसानों को दो फायदे हो रहे हैं, पहला नकद भुगतान और मिलों की तुलना में ज्यादा दाम। यह चलन आगामी दिनों में मिलों के लिए गन्ने की उपलब्धता के मोर्चे पर चुनौती खड़ी कर सकता है।

मिलों से ज्यादा मिल रहा कोल्हू पर दाम
जानकारी के अनुसार, चीनी मिलों का रेट 400 रुपये प्रति क्विंटल रहता है, लेकिन उसमें भी किसानों को भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है। दूसरी ओर, कोल्हू के माध्यम से किसानों को 410 रुपये से लेकर 440 रुपये प्रति क्विंटल तक का नकद रेट मिल रहा है। जनपद के सभी क्षेत्रों में कोल्हू का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है, जबकि चीनी मिलों में गन्ना पेराई का काम अभी चालू होना बाकी है। इसी वजह से बड़ी मात्रा में गन्ना सीधा कोल्हू पर आ रहा है।

त्योहारों की जरूरत और मिलों का पिछला बकाया
किसानों का कहना है कि आगामी त्योहारों के लिए उन्हें नकदी की जरूरत है। कई चीनी मिलों द्वारा पिछले सीजन का पैसा अब तक रोके रखने से किसान परेशान हैं। ऐसे में कोल्हू पर तुरंत मिल रहा नकद पैसा किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है।

किसानों की इस परेशानी को स्थानीय किसान मोनू पुनिया के उदाहरण से समझा जा सकता है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उनका कहना है कि किनौनी चीनी मिल ने अभी तक उनके पिछले सत्र के गन्ने का भुगतान नहीं किया है। इस कारण उन्होंने अपना 8 बीघा गन्ना कोल्हू में ही 410 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बेच दिया, जिसका उन्हें तुरंत नकद पैसा मिल गया। इसी तरह, रानी नंगला गांव के रहने वाले किसान विपिन गुर्जर ने भी तुरंत नकद पैसे के लिए कोल्हू पर 400 रुपये क्विंटल के भाव में ही अपना गन्ना देना शुरू कर दिया है।

मेरठ मंडल में गन्ने की खेती और कोल्हू की स्थिति
आंकड़ों की बात करें तो मेरठ मंडल में कुल 3.87 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती की जाती है। इस मंडल में लगभग 8 लाख से अधिक गन्ना किसान गन्ने की फसल बोते हैं। किसानों की सुविधा के लिए इस पूरे मंडल में लगभग 200 कोल्हू संचालित हो रहे हैं, जिनमें से केवल मेरठ क्षेत्र में ही इनकी संख्या लगभग 80 के आसपास है।


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