विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Chhattisgarh Initiative To Increase Employment In Villages Government Started Award Of Rs 1 Lakh Apply Like

Chhattisgarh: गांवों में रोजगार बढ़ाने की पहल, सरकार ने शुरू किया 1 लाख का पुरस्कार, ऐसे करें आवेदन...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 06 Oct 2026 06:38 PM IST
सार

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ शुरू किया है।
  • इस पुरस्कार के जरिए ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले व्यक्ति या संस्था को सम्मानित किया जाएगा।
  • योजना का उद्देश्य ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, लोककला, हस्तशिल्प और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ना है।
  • विजेता को एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। यह पुरस्कार जीवनकाल में केवल एक बार मिलेगा।

ग्रामीण पर्यटन को रफ्तार देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने पुरस्कार की शुरुआत की।
ग्रामीण पर्यटन को रफ्तार देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने पुरस्कार की शुरुआत की। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ सरकार ने गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस कदम के तहत चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार की शुरुआत की गई है, जिसके तहत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले लोगों या संस्था को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग द्वारा चेन्दरू, राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025 लागू कर दिए गए हैं। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, लोककला, हस्तशिल्प और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

सरकार के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटन से होने वाली आय को सीधे गांवों तक पहुंचाना है, जिससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों और कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिल सकें।

पुरस्कार के लिए आवेदन का मौका, ये कागजात होंगे जमा
इस पुरस्कार के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने आवेदन मांगे हैं। इच्छुक आवेदकों को आवेदन पत्र के साथ अपनी विस्तृत प्रोफाइल, पासपोर्ट आकार की फोटो, राज्य का निवास प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और ग्रामीण पर्यटन क्षेत्र में किए गए कार्यों के दस्तावेज संलग्न करने होंगे।

आवेदन को परखेगा 6 सदस्यों का मंडल
प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन छह सदस्यों का एक मंडल करेगा, जिसकी अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक करेंगे। इस समिति में पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। चयन प्रक्रिया में स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन, प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और सामाजिक प्रभाव को मुख्य आधार बनाया जाएगा। यह पुरस्कार हर साल प्रदान किया जाएगा, लेकिन किसी भी व्यक्ति या संस्था को यह जीवनकाल में केवल एक ही बार दिया जाएगा। विजेता को एक लाख रुपये की राशि और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।

बस्तर से जुड़ा पुरस्कार का नाम
इस पुरस्कार का नाम बस्तर की पहचान चेन्दरू के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई है। विजेता को राज्योत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, विजेता के नवाचारों, कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित एक सचित्र स्मारिका का भी प्रकाशन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य राज्य के अन्य ग्रामीण समुदायों को पर्यटन के नए मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

बस्तर से सरगुजा तक पर्यटन का विस्तार
बस्तर से लेकर सरगुजा तक के ग्रामीण क्षेत्रों में जनजातीय जीवन, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प और प्राकृतिक सौंदर्य की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार की योजना है कि पर्यटक केवल भ्रमण करके न लौटें, बल्कि गांवों में रुककर स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली का प्रत्यक्ष अनुभव करें। इसके लिए होमस्टे और सामुदायिक पर्यटन को विस्तार दिया जा रहा है।

 


विज्ञापन
विज्ञापन