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Up Replaces 43 Inch Tv With Fodder Cutter In Mukhyamantri Krishak Uphar Yojana Lucky Draw
मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना में बदलाव: 43 इंच के टीवी की जगह किसानों को मिलेगी चारा काटने की मशीन
गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ
Published by: Umashankar Mishra
Updated Wed, 14 Oct 2026 09:11 PM IST
सार
टीवी नहीं, अब खेती-पशुपालन के काम आएंगी मशीनें, कृषक उपहार योजना की सूची बदली। लकी ड्रॉ में किसानों को मिलेंगे ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और चारा कटर। छात्रवृत्ति भी 3,000 से बढ़कर 5,000 रुपये की गई।
मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के लकी ड्रॉ में दिए जाने वाले उपहारों की सूची में बदलाव किया गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के लकी ड्रॉ में दिए जाने वाले उपहारों की सूची में बदलाव किया है। मकसद किसानों को ऐसे उपकरण देना है, जो खेती और पशुपालन में सीधे काम आएं।
मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गठित समिति की संस्तुति पर कुछ उपहारों की जगह कृषि उपयोगी मशीनें दी जाएंगी।
टीवी की जगह चारा काटने की मशीन
43 इंच के एलईडी टीवी की जगह अब तीन हॉर्स पावर की चारा काटने वाली मशीन मिलेगी। इसकी अनुमानित कीमत 30 हजार रुपये प्रति उपहार है और हर संभाग में तीन ऐसे उपहार दिए जाएंगे। इससे पशुओं का चारा तैयार करने में सुविधा होगी और श्रम भी बचेगा।
पंपिंग सेट और पावर स्प्रेयर बरकरार
आठ हॉर्स पावर का पंपिंग सेट पहले की तरह दिया जाएगा। इसकी अनुमानित कीमत 55 हजार रुपये है और हर संभाग में दो उपहार देने का प्रावधान है। पावर स्प्रेयर भी सूची में रखा गया है, जिसकी अनुमानित कीमत पांच हजार रुपये प्रति उपहार है।
उपहारों की श्रेणियों में हुआ फेरबदल
प्रथम उपहार: 35 हॉर्स पावर का ट्रैक्टर, जो यथावत रहेगा
द्वितीय उपहार: पावर टिलर (11 किलोवाट) और 13.7 एचपी क्षमता के उपकरणों की जगह 20 हॉर्स पावर से कम का छोटा ट्रैक्टर
तृतीय उपहार: पावर टिलर/रीपर जैसे उपकरणों की जगह 100 सीसी की मोटरसाइकिल
चतुर्थ उपहार: सोलर पावर पैक संयंत्र
छमाही ड्रॉ और बंपर ड्रॉ के उपहारों की उपयोगिता को देखते हुए संशोधित व्यवस्था तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
किसानों को मुफ्त प्लास्टिक कैरेट
उपज की तोड़ाई और ढुलाई में गुणवत्ता बनी रहे, इसके लिए किसानों को निःशुल्क प्लास्टिक कैरेट दिए जाएंगे। फल-सब्जी की तोड़ाई के समय से कैरेट इस्तेमाल करने वाले किसानों को प्राथमिकता मिलेगी।
'क' श्रेणी की मंडियों में 500 किसानों को चार-चार कैरेट (कुल 2,000), 'ख' में 250 किसानों को (कुल 1,000), 'ग' में 200 किसानों को (कुल 800) और 'घ' में 150 किसानों को (कुल 600) कैरेट मिलेंगे। कुल 4,400 कैरेट वितरित करने का प्रस्ताव है। व्यापारियों को प्लास्टिक शीट देने की भी योजना है।
छात्रवृत्ति बढ़ी, हादसे में आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत कृषि विश्वविद्यालय, संस्थान और महाविद्यालय से स्नातक करने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति 3,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई है। मंडी परिसर में दुर्घटना या अग्निकांड की स्थिति में आर्थिक सहायता का प्रावधान भी है। पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और सहायता की जानकारी संबंधित मंडी समिति से ली जा सकती है।
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