उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के लिए एक बड़ी खबर है। सरकारी जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की 8 सहकारी चीनी मिलों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना लिमिटेड द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया।
यह पुरस्कार हर साल देश की उन सहकारी चीनी मिलों को दिया जाता है जो गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, और पैसों के सही वित्तीय प्रबंधन में अच्छा काम करती हैं। इससे मिलों की कार्यक्षमता सुधारने में मदद मिलती है।
वर्ष 2024-25 के लिए इन मिलों को मिला सम्मान
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024-25 के लिए घोषित पुरस्कारों में बिजनौर जिले की दि किसान सहकारी चीनी मिल (स्नेह रोड, नजीबाबाद) ने सभी पैमानों पर सबसे अच्छा काम किया है। इसे 'समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल' का सबसे बड़ा पुरस्कार मिला है।
इसके अलावा गन्ना विकास के लिए सरजू सहकारी चीनी मिल, बेलरायां (लखीमपुर खीरी), चीनी परता (शुगर रिकवरी) में सुधार के लिए दि किसान सहकारी चीनी मिल, गजरौला (अमरोहा) और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड (बागपत) को पुरस्कार दिया गया हेै।
वर्ष 2025-26 के लिए भी यूपी की चार मिलें पुरस्कृत
वर्ष 2025-26 के लिए भी प्रदेश की चार अन्य सहकारी चीनी मिलों ने सफलता हासिल की है। इसमें पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, दोनों जगहों की मिलें शामिल हैं। गन्ना विकास के लिए दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना (मुजफ्फरनगर), उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता के लिए रमाला सहकारी चीनी मिल, रमाला (बागपत) और दि किसान सहकारी चीनी मिल, सठियांव (आजमगढ़) और उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन के लिए दि किसान सहकारी चीनी मिल, पुवायां (शाहजहांपुर)
इस कामयाबी पर चीनी उद्योग व गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने सभी सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध तंत्र और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को बधाई दी है।