विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Tea Farmers Better Prices Tea Board Will Increase Auction Centers Ai Help In Farming

चाय किसानों को मिलेगा बेहतर दाम: टी बोर्ड बढ़ाएगा नीलामी केंद्र, खेती में मदद करेगा AI

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 14 Oct 2026 01:02 PM IST
सार

  • नीलामी केंद्रों की संख्या बढ़ेगी : टी बोर्ड उत्पादकों को बेहतर कीमत दिलाने के लिए नए केंद्र खोलने की तैयारी में है।

  • असम में दो नए केंद्र शुरू : डिब्रूगढ़ और जोरहाट में नीलामी केंद्र खोले गए हैं।

  • अगरतला में जल्द नया केंद्र : बोर्ड की योजना अक्टूबर के अंत तक त्रिपुरा में नया नीलामी केंद्र शुरू करने की है।

  • खरीदारों के बीच बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा : नीलामी सुधारों के तहत अधिक पंजीकृत खरीदारों को भाग लेने का अवसर देने की योजना है।

चाय बागान
चाय बागान - फोटो : गांव जंक्शन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चाय उत्पादकों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने के लिए टी बोर्ड ऑफ इंडिया देश में चाय की नीलामी के नए केंद्र खोलने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड का मानना है कि नीलामी में खरीदारों की संख्या बढ़ने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और चाय उत्पादकों को बेहतर कीमत मिल सकेगी। इसके साथ ही, चाय अनुसंधान संघ ने चाय उद्योग के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित एक नया मॉडल ‘TocklAI’ लॉन्च किया है। इसकी मदद से चाय बागान मालिक और छोटे उत्पादक खेती, कीट नियंत्रण, मिट्टी की सेहत और जलवायु अनुकूल खेती से जुड़े सवालों के जवाब पा सकेंगे।

असम के बाद त्रिपुरा में खुलेगा नया नीलामी केंद्र
टी बोर्ड ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष सी. मुरुगन ने कोलकाता में चाय अनुसंधान संघ की 62वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान बताया कि बोर्ड नीलामी व्यवस्था में सुधार करने के साथ नए केंद्र खोलने पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि असम के डिब्रूगढ़ और जोरहाट में दो नए नीलामी केंद्र शुरू किए गए हैं। इस महीने के अंत तक त्रिपुरा के अगरतला में एक और केंद्र खोलने की योजना है। इसके अलावा, बोर्ड जलपाईगुड़ी के नीलामी केंद्र को दोबारा शुरू करने की कोशिश कर रहा है। अरुणाचल प्रदेश में भी नए केंद्र की संभावनाओं का सर्वे किया जा रहा है।

खरीदार बढ़ने से चाय की कीमतों में सुधार की उम्मीद
टी बोर्ड के मुताबिक, मौजूदा नीलामी व्यवस्था में सीमित संख्या में खरीदार हिस्सा लेते हैं। इससे चाय उत्पादकों को उनकी उम्मीद के मुताबिक कीमत नहीं मिल पाती। बोर्ड नीलामी में सुधार के तहत नमूनों के आकार को उचित बनाने और उत्पादकों को यह तय करने का अधिकार देने की योजना बना रहा है कि किन खरीदारों को मुफ्त नमूने दिए जाएं।

बोर्ड का उद्देश्य सभी पंजीकृत खरीदारों को नीलामी में हिस्सा लेने का अवसर देना है। इससे खरीदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और उत्पादकों को अपनी चाय के बेहतर दाम मिल सकते हैं। मुरुगन ने कहा कि बोर्ड ने इस विषय पर उद्योग से जुड़े सभी पक्षों के साथ चर्चा की है। उन्हें उम्मीद है कि नीलामी व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों से आने वाले समय में पूरे चाय उद्योग को लाभ होगा।

चाय उद्योग के लिए लॉन्च हुआ AI मॉडल TocklAI
चाय अनुसंधान संघ (TRA) ने चाय उद्योग के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित मॉडल ‘TocklAI’ लॉन्च किया। इसे दुनिया का पहला ऐसा AI मॉडल बताया गया है, जिसे विशेष रूप से चाय उद्योग के लिए तैयार किया गया है।

यह मॉडल असम के जोरहाट स्थित टोकलाई टी रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोध और अनुसंधान संघ के प्रमाणित दस्तावेजों पर आधारित है। टोकलाई संस्थान 115 साल पुराना है और दुनिया के सबसे पुराने तथा बड़े चाय अनुसंधान केंद्रों में शामिल है।

TocklAI एक छोटा भाषा मॉडल (Small Language Model) है। यह सामान्य इंटरनेट सामग्री के बजाय चाय अनुसंधान संघ के सत्यापित शोध संग्रह से जानकारी लेकर जवाब देता है। इससे चाय की खेती से जुड़ी सलाह को वैज्ञानिक शोध और भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप रखने में मदद मिलती है।

कीट नियंत्रण से लेकर जलवायु अनुकूल खेती तक मिलेगी जानकारी
TocklAI का इस्तेमाल चाय बागान मालिक, प्रबंधक और छोटे चाय उत्पादक कई तरह की जानकारी हासिल करने के लिए कर सकेंगे। इसके जरिए वे इन विषयों पर सवाल पूछ सकते हैं:

चाय में कीट और रोगों का नियंत्रण
  • मिट्टी की सेहत और पोषक तत्वों का प्रबंधन
  • चाय की उपयुक्त किस्मों और क्लोन का चुनाव
  • पुराने चाय पौधों को बदलकर दोबारा रोपाई करना
  • जलवायु परिवर्तन के अनुसार खेती में बदलाव

चाय प्रसंस्करण और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन
इस परियोजना की परिकल्पना चाय अनुसंधान संघ के सचिव जॉयदीप फुकन ने की है। इसमें टोकलाई के वैज्ञानिकों, टी बोर्ड ऑफ इंडिया और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डॉ. विशाल मिश्रा ने योगदान दिया है। संघ के प्रबंधन परिषद ने जुलाई 2026 में इस परियोजना को मंजूरी दी थी।

चाय अनुसंधान संघ के अध्यक्ष सुनील सिंह सिकंद ने कहा कि टोकलाई संस्थान के पास एक सदी से अधिक समय का शोध और आंकड़े मौजूद हैं। TocklAI के माध्यम से इस ज्ञान को चाय बागान मालिकों और छोटे उत्पादकों के लिए उपयोगी बनाया जा सकेगा। इस तरह टी बोर्ड की नीलामी सुधार योजना चाय उत्पादकों को बेहतर कीमत दिलाने पर केंद्रित है, जबकि TocklAI चाय की खेती से जुड़े वैज्ञानिक ज्ञान को किसानों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन