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महाराष्ट्र : गन्ना किसानों का आंदोलन तेज, ₹5500 प्रति टन दाम की मांग, कई जगह किए हाईवे जाम

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 14 Oct 2026 02:44 PM IST
सार

  • ₹5,500 प्रति टन की मांग : किसान चालू पेराई सीजन के लिए गन्ने का दाम 5,500 रुपये प्रति टन तय करने की मांग कर रहे हैं। इसमें 500 रुपये प्रति टन की सरकारी सब्सिडी शामिल है।

  • तीन जिलों में आंदोलन : सांगली, सतारा और सोलापुर में किसानों ने प्रदर्शन कर गन्ने की ढुलाई रोकने की कोशिश की।

  • पुणे-सोलापुर हाईवे जाम : भीमनगर में करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

गन्ने की खेती
गन्ने की खेती - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महाराष्ट्र के पश्चिमी हिस्से में गन्ने का उचित दाम दिलाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेतृत्व में मंगलवार को सांगली, सतारा और सोलापुर जिलों में किसानों ने प्रदर्शन किया और गन्ना ले जाने वाले वाहनों को रोक दिया। किसान चालू पेराई सीजन के लिए गन्ने का दाम 5,500 रुपये प्रति टन तय करने की मांग कर रहे हैं।

इसमें सरकार से मिलने वाली 500 रुपये प्रति टन की सब्सिडी भी शामिल है। किसानों ने चीनी मिल मालिकों का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचने के लिए कई जगह सड़कों और हाईवे पर धरना दिया। आंदोलन के कारण कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ।

पुणे-सोलापुर हाईवे पर तीन घंटे तक जाम
सोलापुर जिले की माढा तहसील के भीमनगर में किसानों ने पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब तीन घंटे तक जाम लगाया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, वाहनों की कतार करीब दो से ढाई किलोमीटर तक पहुंच गई थी।

किसानों ने गन्ने का दाम 5,500 रुपये प्रति टन तय करने के साथ चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 50 रुपये प्रति किलो और एथेनॉल का दाम 70 रुपये प्रति लीटर करने की मांग भी उठाई। किसानों का कहना है कि गन्ने का दाम तय करते समय खेती की लागत को ध्यान में रखा जाना चाहिए। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक चीनी मिल मालिक गन्ने का दाम घोषित नहीं करते, तब तक मिलों को चालू नहीं होने दिया जाएगा।

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर भी प्रदर्शन
सांगली और सतारा जिलों में पश्चिमी महाराष्ट्र से बेलगावी और हत्तारगी की ओर जाने वाले रास्तों पर भी आंदोलन का असर पड़ा। महाराष्ट्र के किसान संगठनों के साथ कर्नाटक के कुछ किसान संगठनों ने भी हाईवे पर प्रदर्शन किया।

स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के संस्थापक अध्यक्ष राजू शेट्टी के नेतृत्व में कोगनोली में आंदोलन किया गया। वहीं, कर्नाटक के किसान नेताओं चुनप्पा पुजारी और प्रकाश नायक के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने बेलगावी के हिरेबागेवाड़ी और हत्तारगी टोल प्लाजा के पास भी हाईवे जाम किया।

सांगली में 150 से ज्यादा ट्रैक्टर रोके
सांगली जिले की वालवा और कडेगांव तहसीलों में किसानों ने गन्ना ले जाने वाले ट्रैक्टरों को रोककर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक गन्ने का दाम 5,500 रुपये प्रति टन घोषित नहीं किया जाता, तब तक गन्ने की ढुलाई नहीं होने दी जाएगी। आंदोलन के दौरान 150 से अधिक ट्रैक्टर रोके जाने की खबर है।

सोमवार से ही कुछ इलाकों में गन्ने की ढुलाई रोकने की कार्रवाई शुरू हो गई थी। बाहे, येवलेवाड़ी, कासेगांव और नेरले में कृष्णा सहकारी चीनी मिल की ओर गन्ना लेकर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के 50 से अधिक टायरों की हवा निकालने की सूचना है। बाहे पुल पर गन्ने से लदे 40 से 50 ट्रैक्टर रोके गए। वहीं, छह से आठ बैलगाड़ियों के टायरों की हवा भी निकाल दी गई।

सतारा में भी गन्ने की ढुलाई रोकी
सतारा जिले के इंदोली फाटा में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के कार्यकर्ताओं ने हाईवे के नीचे प्रदर्शन कर गन्ने की ढुलाई रोकने की कोशिश की। जयवंत शुगर मिल की ओर गन्ना लेकर जा रहे ट्रैक्टरों को रोका गया और उनके टायरों की हवा निकाल दी गई। कुछ जगहों पर टायरों से पानी भी निकाला गया, जिससे गन्ने की ढुलाई प्रभावित हुई।

मिल मालिकों पर बढ़ा दाम घोषित करने का दबाव
गन्ने के उचित दाम की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। संगठन का कहना है कि किसानों को उत्पादन लागत के हिसाब से गन्ने का उचित मूल्य मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर सड़क जाम, गन्ना ढुलाई रोकने और हाईवे पर प्रदर्शन जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

किसान संगठन ने चीनी मिल मालिकों से जल्द से जल्द गन्ने का दाम घोषित करने की मांग की है। अब देखना होगा कि किसानों के बढ़ते विरोध के बीच मिल मालिक और सरकार इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं।
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