आगामी दिनों में उत्तर भारत में बारिश की संभावना कम है। दूसरी तरफ रात में ठंड ने अपनी दस्तक दे दी है। तीन नवंबर से उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में मौसम पूरी तरह से साफ रहेगा। आसमान साफ रहने और उत्तरी हवाओं के कारण रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे मैदानी इलाकों में लोगों को अब अच्छी-खासी ठंड का अहसास होने लगा है।
यूपी से लेकर राजस्थान तक गिरने लगा रात का तापमान
IMD के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में भारी कमी आई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस से भी अधिक नीचे चला गया है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में भी पारा सामान्य से तीन से पांच डिग्री तक नीचे खिसक गया है।
जानकारी के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान के इलाकों में भी रात का तापमान सामान्य से डेढ़ से तीन डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर भारत के पूरे मैदानी इलाके में सबसे कम न्यूनतम तापमान हिमाचल प्रदेश के ऊना में 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजस्थान के बाड़मेर में 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा है।
पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसानों के लिए खुला रहेगा मौसम
बारिश के पूर्वानुमान को लेकर IMD के अनुसार, तीन नवंबर से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी अगले पूरे सप्ताह तक बारिश की कोई उम्मीद नहीं है।
यह साफ और सूखा मौसम आम किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। खेतों में पकी फसलों की कटाई और रबी की नई फसल की बुवाई का काम किसान बिना किसी मौसमी रुकावट या बारिश के डर के आसानी से कर सकेंगे। विभाग के अनुसार, आसमान में बादल नहीं होने से दिन में खिली हुई धूप निकलेगी, जबकि सूरज ढलने के बाद ठंड का असर तेज होगा।
पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर और जम्मू-कश्मीर का मौसम
पहाड़ों के मौसम पर IMD का कहना है कि एक पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी राजस्थान और इसके आसपास के इलाकों में भी 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती हवाओं का एक घेरा बना हुआ है।
हालांकि, इस मौसमी बदलाव का उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश के रूप में कोई असर नहीं दिखेगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की बात करें तो तीन और चार नवंबर को वहां भी मौसम सूखा रहेगा। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, केवल पांच नवंबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ एकाध हिस्सों में बहुत हल्की हलचल या छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद छह से आठ नवंबर तक वहां भी मौसम फिर से पूरी तरह साफ और शुष्क हो जाएगा।