राजस्थान में मौसम से जुड़ी चुनौतियों की मार झेलने वाले किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में सीएम भजनलाल शर्मा ने डीबीटी के माध्यम से 345 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की है। फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को दिवाली से पहले यह मुआवजा बड़ी राहत देने का काम करेगा।
बीते रबी में सूखे से फसल नुकसान हुआ
पश्चिमी राजस्थान में रबी 2025-26 के दौरान सूखे की चपेट में आने से फसलों को नुकसान हुआ था। पीएम फसल बीमा योजना के तहत आए दावों का निपटारा करते हुए किसानों के खातों में 318 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। यह भुगतान एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड और रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से किया गया है। राज्य सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार, इस योजना का सीधा लाभ जयपुर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, पाली, सिरोही, चूरू, जालोर और डूंगरपुर जिलों के किसानों को मिला है, जिससे संकट से जूझ रहे काश्तकारों को फौरी राहत मिली है।
बीकानेर के किसानों को सबसे ज्यादा भुगतान
फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति राशि का वितरण जिलों के आधार पर किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार, सबसे अधिक 116 करोड़ रुपये की सहायता राशि बीकानेर जिले के किसानों को मिली है। इसके अलावा बाड़मेर जिले के काश्तकारों के खातों में 53.60 करोड़ रुपये, जोधपुर के किसानों को 48 करोड़ रुपये, जालोर जिले को 43.58 करोड़ रुपये, पाली जिले को 31 करोड़ रुपये और चूरू जिले के किसानों को 25.85 करोड़ रुपये की फसल बीमा राशि भेजी गई है। यह भुगतान फसलों को हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए किया गया है।
समिति के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई
राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया। समिति के फैसले के बाद डूंगरपुर और जालोर जिलों के किसानों के लिए 17.60 करोड़ रुपये की राशि जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। कृषि विभाग के अनुसार, इन निर्णयों पर तुरंत अमल करते हुए जालोर जिले के खरीफ 2024 के लंबित बीमा दावों के 10.64 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा करवा दिए गए हैं। इसके साथ ही, डूंगरपुर जिले के खरीफ 2025 के 6.96 करोड़ रुपये के बीमा दावे भी कंपनी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेज दिए गए हैं।