आगामी रबी सीजन की रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित रबी अभियान 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 10 राज्यों को कुल 1,082 करोड़ रुपये जारी किए है। वहीं, बैठक को संबोधित करते हुए शिवराज ने केद्र और राज्यों को एक टीम की तरह काम करने की अपील की। केंद्रीय कृषि मंत्री ने केद्र और राज्यों को राजनीति से ऊपर उठकर खाद्य सुरक्षा और किसानों से जुड़े मोर्चों पर काम करने की सलाह दी।
22 अक्तूबर से चलेगा खेत बचाओ अभियान, दलहन के लिए खास प्लान
केंद्र सरकार आगामी रबी सीजन में मिट्टी की सेहत और दलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने जैसे मोर्चों पर फोकस कर रही है। इसके तहत 22 अक्तूबर से 30 नवंबर तक देशभर में खेत बचाओ अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी दी जाएगी। वहीं, झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में धान के बाद खाली रहने वाले खेतों में दलहन की खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई।
राज्यों को करना होगा ये काम
बैठक में केंद्र ने रबी की तैयारी के लिए राज्यो ंको मिट्टी की नमी और जल की उपलब्धता के आधार पर फसल और बीजों का चयन करने की सलाह दी गई है। वहीं, रोग-कीटों से बचने की व्यवस्था, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने और फसल बीमा योजना में क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट कराने के निर्देश भी दिए गए।
नकली खाद-बीज पर कार्रवाई, दलहन की MSP खरीद पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने देश में बीज और उर्वरक की उपलब्धता को पर्याप्त बताया। इसके अलावा उन्होंने राज्यों को नकली खाद, नकली बीज और अमानक कीटनाशकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जबरन टैगिंग को पूरी तरह खत्म करने की अपील की।
दालों की 100 प्रतिशत खरीद का वादा, FTA से निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिश
शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, तुअर, उड़द और मसूर की एमएसपी पर 100 प्रतिशत तय सरकारी खरीद की जाएगी और किसानों को 48 घंटे में भुगतान की व्यवस्था होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों के तहत नई बाजार नीति का लाभ उठाकर भारतीय कृषि उत्पादों, फलों, सब्जियों और अनाज को वैश्विक निर्यात से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कृषि विकास दर 3 से 4.5 प्रतिशत पर पहुंची
बैंठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, 2015 के बाद कृषि विकास दर 3 प्रतिशत से बढ़कर 4.5 प्रतिशत हुई है। वार्षिक खाद्यान्न उत्पादन में औसत बढ़ोतरी पहले के 40 लाख टन से बढ़कर 84 लाख टन प्रतिवर्ष हो गई है। वहीं, 2023-24 से 2025-26 के दो वर्षों में रबी खाद्यान्न उत्पादन में 205 लाख टन की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने इसका श्रेय राज्यों के कृषि विभागों, वैज्ञानिकों और किसानों के साझा प्रयासों को दिया।
10 राज्यों को 1,082 करोड़ रुपये की मंजूरी
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मंजूर हुए 1,082 करोड़ रुपये में सबसे ज्यादा हिस्सा 290 करोड़ रुपये के साथ बंगाल को मिला है। वहीं, हरियाणा को 198 करोड़, छत्तीसगढ़ को 181 करोड़ अरुणाचल प्रदेश को 154 करोड़ रुपये और बिहार को 114 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा कर्नाटक को 104 करोड़ रुपये, मिजोरम को 75 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश को 64 करोड़ रुपये, झारखंड को 58 करोड़ रुपये और पंजाब को 43 करोड़ रुपये के स्वीकृति पत्र दिए गए।
हर महीने होगी राज्यों के साथ कृषि योजनाओं की होगी समीक्षा
कृषि योजनाओं की निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू होगी। इसके तहत केंद्र में होने वाली साप्ताहिक समीक्षा की तर्ज पर अब राज्यों के साथ हर महीने वर्चुअल समीक्षा बैठकें की जाएंगी। राज्य स्तर पर कृषि मंत्री, कृषि सचिव, कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), आत्मा, एफपीओ, प्रगतिशील किसानों, प्रोसेसर्स, एक्सपोर्टर्स और भारत सरकार के नोडल अधिकारियों को जोड़कर राज्य कृषि टीम बनाई जाएगी। जिला स्तर पर कलेक्टर, डीडीए, आत्मा, केवीके, आईसीएआर वैज्ञानिकों, बैंकर्स और किसानों की मासिक बैठकें होंगी।
रबी-खरीफ की तैयारी के लिए कैलेंडर आया सामने
इस बैठक में रबी और खरीफ की रणनीति तैयार करने के लिए एक कैलेंडर भी सामने निकलकर आया है। इसके तहत हर साल 10 मई को जिल स्तर पर और 17 मई को राज्य स्तर पर खरीफ अभियान की बैठक होगी। वहीं, रबी के लिए 10 सितंबर को जिला और 17 सितंबर को राज्य के स्तर पर बैठक का आयोजन होगा। इसके अलावा एक दिन के लिए बैठक का आयोजन होगा, जिसमें कृषि मंत्री, अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक किसानों से जुड़े मुद्दों पर साथ जुड़ेंगे।