विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Punjab Government Accused Of Breaking Promises Kisan Mazdoor Morcha To Launch An Indefinite Protest Starting

पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप : किसान मजदूर मोर्चा 7 दिसंबर से करेगा अनिश्चितकालीन आंदोलन, पूरा मामला...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 18 Oct 2026 06:34 PM IST
सार

  • केएमएम का 7 दिसंबर से चंडीगढ़ में अनिश्चितकालीन आंदोलन का एलान
  • मांगें पूरी नहीं होने पर हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कूच की चेतावनी
  • बासमती समेत पांच फसलों पर लाभकारी मूल्य और खरीद की गारंटी की मांग
  • किसानों और कृषि मजदूरों की पूर्ण कर्ज माफी की मांग
  • लैंड पूलिंग नीति वापस लेने और पंजाब के जल अधिकार बहाल करने की मांग

किसान मजदूर मोर्चा ने अनिश्चितकालीन आंदोलन का एलान किया।
किसान मजदूर मोर्चा ने अनिश्चितकालीन आंदोलन का एलान किया। - फोटो : गांव जंक्शन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने पंजाब सरकार पर किसानों और कृषि मजदूरों से किए गए वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए 7 दिसंबर से चंडीगढ़ में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने 15 अक्तूबर तक उनकी मांगों का समाधान करने का भरोसा दिया था, लेकिन वह अपने इस वादे को निभाने में विफल रही।

बातचीत न होने पर हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कूच की चेतावनी
केएमएम नेता सरवन सिंह पंधेर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार 7 दिसंबर से पहले बातचीत कर मांगों का निपटारा नहीं करती है, तो हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ किसान चंडीगढ़ की ओर बढ़ेंगे। उन्होंने साफ किया, यदि समाधान नहीं हुआ, तो हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिले चंडीगढ़ पहुंचेंगे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। हालांकि, मोर्चा नेताओं का यह भी कहना है कि यदि सरकार इससे पहले कोई ठोस समाधान निकाल लेती है, तो 7 दिसंबर के आंदोलन को टाला जा सकता है।

फसलों पर खरीद गारंटी और कर्ज माफी की मांग
मोर्चा ने स्वामीनाथन आयोग के C2 संग 50 प्रतिशत फॉर्मूले के आधार पर बासमती, मूंग, मक्का, सरसों और आलू की लाभकारी मूल्यों पर खरीद की गारंटी देने की मांग रखी है। किसान नेताओं के अनुसार, सरकार ने पहले 23 फसलों पर खरीद की गारंटी देने का वादा किया था और भरोसा दिलाया था कि बासमती की खरीद से जुड़ी दिक्कतों को हल किया जाएगा।

इसके अलावा, संगठन ने किसानों और कृषि मजदूरों के पूरे कर्ज को माफ करने की मांग की है। नेताओं ने कहा कि जब तक पूर्ण कर्ज माफी लागू नहीं होती, तब तक सहकारी और भूमि बंधक (लैंड मॉर्गेज) बैंकों के कर्जों के लिए 'वन-टाइम सेटलमेंट' की व्यवस्था की जाए। साथ ही, कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों और मजदूरों के परिवारों को पूर्व में घोषित 5 लाख रुपये की सहायता राशि तत्काल देने की मांग की गई है।

पानी के अधिकार, लैंड पूलिंग और विधानसभा में प्रस्ताव की मांग
केएमएम की अन्य प्रमुख मांगों में संशोधित लैंड पूलिंग नीति को वापस लेना शामिल है। इसके अलावा, रिपेरियन (तटीय) सिद्धांत के तहत पंजाब के जल विवाद को सुलझाने और राज्य के जल अधिकारों को बहाल करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 78, 79 और 80 को निरस्त करने की मांग भी उठाई गई है। मोर्चा ने शंभू और खनौरी आंदोलनों के दौरान कथित तौर पर लिए गए ट्रैक्टरों और अन्य सामान को भी तुरंत वापस लौटाने की मांग की है।

केएमएम ने यह भी मांग रखी कि पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किए जाएं। इन प्रस्तावों के जरिए प्रस्तावित भारत-अमेरिका समझौते सहित दूसरे मुक्त व्यापार समझौतों को खारिज करने, बिजली, बीज और सहकारी कानूनों में केंद्र के संशोधनों का विरोध करने तथा भारत-पाकिस्तान व्यापार गलियारे (ट्रेड कॉरिडोर) का समर्थन करने की बात कही गई है।


विज्ञापन
विज्ञापन