Home›Khabar Junction›
Primary Agricultural Credit Societies Will Get Loan From Aif Union Minister Said Rural Prosperity Is Possib
प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को मिलेगा एआईएफ से ऋण: केंद्रीय मंत्री बोले - सहकारिता से ग्रामीण समृद्धि संभव
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Devesh Saraswat
Updated Tue, 03 Jun 2025 10:18 AM IST
सार
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना कोष के तहत उन्हें ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह
- फोटो : सोशल मीडिया
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना कोष के तहत उन्हें ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
खाद्यान्न भंडारण योजना में समितियों की भागीदारी जरूरी
दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था तैयार करने की योजना की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को इस योजना का अभिन्न अंग बनाना आवश्यक है ताकि उनकी वित्तीय व्यवहार्यता और सामाजिक प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय समेत भारतीय खाद्य निगम को निर्देश दिया कि देशभर के भंडारण केंद्रों का राष्ट्रीय स्तर पर मानचित्रण किया जाए, जिससे योजना का संचालन क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार किया जा सके।
भंडारण केंद्रों से जोड़ा जाएगा समितियों को
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय खाद्य निगम, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राज्य भंडारण निगमों को निर्देशित किया कि वे प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को अधिक से अधिक भंडारण केंद्रों से जोड़ें। इससे समितियों की आमदनी में इजाफा होगा और गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राज्यों को भी निभानी होगी भूमिका
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकारों को अपने स्तर पर अधिक से अधिक प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को इस योजना से जोड़ना चाहिए। इसके साथ ही राज्य स्तरीय विपणन संघों को भी इसमें सम्मिलित किया जाए ताकि संपूर्ण सहकारी आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने सभी संगठनों से इस योजना के समन्वित, समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन का आग्रह करते हुए कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत और सहकारिता के माध्यम से समृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति को दो प्रमुख आधारों से मापा जाता है - सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार सृजन। इस योजना का उद्देश्य इन दोनों पहलुओं को सशक्त करना है।
क्या है कृषि अवसंरचना कोष योजना
वर्तमान में भारत में एक लाख से अधिक प्राथमिक कृषि ऋण समितियािं सक्रिय हैं। कृषि अवसंरचना कोष की शुरुआत वर्ष 2020 में देशभर में कृषि से जुड़ी संरचनाओं को मजबूत करने के लिए की गई थी। इस योजना के तहत मध्यम से दीर्घकालिक अवधि के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। पहले यह योजना साल 2030 तक के लिए निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर साल 2032-33 तक कर दिया गया है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।