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बच्चों के पोषण पर FSSAI का बड़ा कदम: 6 महीने तक के शिशुओं के उत्पादों में सुक्रोज-फ्रुक्टोज पर रोक का प्रस्ताव

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 17 Oct 2026 04:27 PM IST
सार

  • FSSAI ने छह महीने तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है।

  • इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020 में संशोधन का मसौदा जारी किया गया है।

  • मौजूदा नियमों में तय शर्तों और सीमाओं के तहत इन शर्कराओं को मिलाने की अनुमति है।

FSSAI ने छह महीने तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर रोक लगाने का प्र
FSSAI ने छह महीने तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर रोक लगाने का प्र - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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छह महीने तक के शिशुओं के लिए बनाए जाने वाले खाद्य उत्पादों में अब सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर रोक लग सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इस संबंध में नियमों में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य शिशुओं के पोषण मानकों को मजबूत करना और शुरुआती उम्र में उनके खानपान में अतिरिक्त शर्करा के इस्तेमाल को सीमित करना है। FSSAI ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020 में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। यह मसौदा 16 अक्टूबर 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया।

छह महीने तक के बच्चों के उत्पादों में नहीं मिलेगी सुक्रोज-फ्रुक्टोज
मसौदे के मुताबिक, छह महीने तक के शिशुओं के लिए बनाए जाने वाले खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज नहीं मिलाए जा सकेंगे। ये शर्करा के दो प्रकार हैं, जिनका इस्तेमाल खाद्य उत्पादों में किया जाता है। मौजूदा नियमों के तहत शिशु पोषण उत्पादों में कार्बोहाइड्रेट के लिए लैक्टोज और ग्लूकोज पॉलिमर को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि, तय सीमाओं और शर्तों के अधीन जरूरत पड़ने पर सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने की अनुमति है। प्रस्तावित संशोधन में छह महीने तक के शिशुओं के उत्पादों के लिए इस अनुमति को सीमित करने की बात कही गई है।

शिशुओं के पोषण पर क्यों दिया जा रहा जोर?
जीवन के शुरुआती छह महीने बच्चों की वृद्धि और विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान उचित पोषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। FSSAI का प्रस्ताव शिशुओं के खाद्य उत्पादों में अतिरिक्त शर्करा के इस्तेमाल को रोकने और उनकी उम्र के अनुसार पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर उत्पाद तैयार करने पर केंद्रित है।

यह पहल पहले छह महीनों तक केवल स्तनपान कराने की सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी सिफारिशों के अनुरूप भी है। हालांकि, प्रस्तावित नियम खास तौर पर शिशुओं के लिए बनाए जाने वाले खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने से संबंधित है।

60 दिन तक मांगे गए सुझाव
FSSAI ने इस मसौदे पर संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। राजपत्र की प्रतियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराए जाने की तारीख से 60 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां भेजी जा सकती हैं।प्राधिकरण को मिले सुझावों पर विचार करने के बाद संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसलिए फिलहाल यह प्रस्तावित बदलाव है, लागू हो चुका अंतिम नियम नहीं।
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