जीएसटी परिषद खेती से जुड़ी कई जरूरी चीजों पर टैक्स राहत देने की तैयारी में है। प्रस्तावों में रिट्रेडेड ट्रैक्टर टायर पर GST घटाना, बायो-स्टिमुलेंट्स पर एक समान दर लागू करना और बीजों के भंडारण पर टैक्स खत्म करना शामिल है।
रिट्रेडेड ट्रैक्टर टायर पर GST घटाने का प्रस्ताव
छोटे किसानों के लिए ट्रैक्टर के नए टायर खरीदना महंगा पड़ सकता है। ऐसे में कई किसान पुराने टायरों को रिट्रेड कराकर इस्तेमाल करते हैं। अभी रिट्रेडेड ट्रैक्टर टायर पर 18 प्रतिशत GST लगता है। प्रस्ताव के तहत इस GST को घटाकर 5 प्रतिशत करने की बात कही गई है। यह दर नए ट्रैक्टर टायर पर लागू 5 प्रतिशत GST के बराबर होगी। नए ट्रैक्टर टायर पर GST की दर सितंबर 2025 में घटाई गई थी।
146 बायो-स्टिमुलेंट्स पर 5% GST का प्रस्ताव
खेती में इस्तेमाल होने वाले बायो-स्टिमुलेंट्स में समुद्री शैवाल से बने उत्पाद, ह्यूमिक एसिड और अमीनो एसिड जैसे उत्पाद शामिल हैं। इनका इस्तेमाल पौधों की वृद्धि में मदद और फसल को तनाव की स्थिति से बचाने के लिए किया जाता है। अभी कुछ बायो-स्टिमुलेंट्स पर 5 प्रतिशत और कुछ पर 18 प्रतिशत GST लगता है। प्रस्ताव के अनुसार, फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर के तहत पंजीकृत सभी 146 बायो-स्टिमुलेंट्स के लिए 5 प्रतिशत की एक समान GST दर तय की जा सकती है।
बीजों के भंडारण पर टैक्स खत्म करने की तैयारी
बुवाई के लिए इस्तेमाल होने वाले बीजों की स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सेवाओं पर फिलहाल टैक्स लगता है। इसका कारण यह है कि किसान तक पहुंचने से पहले बीजों की ग्रेडिंग, ट्रीटमेंट और पैकिंग की जाती है। प्रस्ताव में बुवाई के लिए इस्तेमाल होने वाले बीजों के स्टोरेज और वेयरहाउसिंग पर पूरी तरह टैक्स खत्म करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य किसानों के लिए बीजों की अंतिम लागत को कम करना है।
इसबगोल के बीज पर शून्य GST का प्रस्ताव
इसबगोल मुख्य रूप से छोटे किसानों द्वारा उगाया जाता है। जीएसटी परिषद इसबगोल यानी साइलियम के बीजों के लिए अलग श्रेणी बनाने पर विचार कर सकती है। प्रस्ताव के तहत इसबगोल के बीजों पर GST की दर शून्य यानी ‘निल’ रखी जा सकती है। यह छूट ताजे, सूखे, ठंडे या जमे हुए बीजों पर लागू होने का प्रस्ताव है।
कॉफी किसानों को भी टैक्स राहत
कॉफी किसानों के लिए भी प्रस्ताव में राहत की बात कही गई है। जीएसटी परिषद किसानों को दी जाने वाली कॉफी की क्योरिंग सेवा पर GST छूट को मंजूरी दे सकती है। जानकारी के अनुसार, खेती करने वालों को दी जाने वाली सामान्य टैक्स छूट में कॉफी की इस विशेष प्रक्रिया को पहले शामिल नहीं किया गया था।
जानकारों के अनुसार, इन प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य खेती से जुड़ी जरूरी जरूरतों पर टैक्स व्यवस्था को कृषि के अनुरूप बनाना और किसानों पर वित्तीय बोझ कम करना है। इन प्रस्तावों में बीजों की स्टोरेज और वेयरहाउसिंग, फसल में इस्तेमाल होने वाले बायो-स्टिमुलेंट्स, ट्रैक्टर टायर और प्लांटेशन फसलों की प्रोसेसिंग से जुड़ी सेवाओं को शामिल किया गया है। हालांकि, दिए गए विवरण में इन प्रस्तावों को GST Council की ओर से मंजूरी मिलने की बात नहीं कही गई है; इन्हें प्रस्तावित बदलाव के रूप में बताया गया है।