उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के दौर ने कई हिस्सों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। इस मानसून सीजन में कम बारिश की वजह से फसल उत्पादन और किसान आय प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन, प्रदेश के कई किसानों के लिए ताजा बारिश के दौर ने इस संभावना को सच कर दिखाया है।
फसल बीमा योजना से नुकसान को पाटें
अगर आपने इस खरीफ अपनी फसल का पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत पंजीकरण कराया है, तो जल्द से जल्द फसल नुकसान की सूचना दें। नियमों के अनुसार, भारी बारिश और दूसरी मौसमी घटनाओं से फसल नुकसान होने पर 72 घंटे के अंदर सूचना देना जरूरी है।
72 घंटे के भीतर कहां दें सूचना?
किसान फसल नुकसान (Fasal Bima) की जानकारी संबंधित बीमा कंपनी, बैंक और कृषि विभाग को दे सकते हैं। इसके अलावा 14447 नंबर पर कॉल कर नुकसान की सूचना दर्ज कराई जा सकती है। सूचना देते समय अपने पास बैंक खाते की जानकारी, फसल बीमा योजना के तहत मिला पंजीकरण नंबर रखें।
कटाई बाद भी मिलेगा मुआवजा, रबी के लिए चुनौती
अगर कटाई के बाद खेत में फसल को नुकसान पहुंचा है, तब भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। खड़ी फसलों के साथ पीएम फसल बीमा योजना कटी हुई फसलों को भी कवर करती है। हालांकि कटाई के 14 दिन बाद तक यह नियम लागू होता है। इस बारिश ने रबी सीजन के मोर्चे पर किसानों के लिए समस्या खड़ी कर दी है, क्योंकि खेत में अत्याधिक नमी से रबी फसलों की बुवाई में देरी होने की संभावना है।
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