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पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय : प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने संभाली कुलपति की कमान, अनुसंधान बढ़ाने पर फोकस...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 28 Apr 2026 09:51 AM IST
सार

प्रोफेसर शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice-Chancellor) का पदभार संभाल लिया है। 

प्रोफेसर शिवेन्द्र कुमार कश्यप बने पंतनगर विवि के कुलपति
प्रोफेसर शिवेन्द्र कुमार कश्यप बने पंतनगर विवि के कुलपति - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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देश के प्रतिष्ठित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में नए नेतृत्व की शुरुआत हो गई है। प्रोफेसर शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice-Chancellor) का पदभार संभाल लिया है। कृषि शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच प्रो. कश्यप की इस नियुक्ति को संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप का अब तक का कॅरिअर शैक्षणिक और प्रशासनिक उत्कृष्टता से भरा रहा है। वे विश्वविद्यालय में कृषि संचार विभागाध्यक्ष और अधिष्ठाता (Dean) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें आईसीएआर (ICAR) के 'सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार' सहित कई अन्य सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रो. कश्यप के नेतृत्व में संस्थान ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके मार्गदर्शन में ही विश्वविद्यालय ने आईसीएआर (ICAR) रैंकिंग में राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के बीच प्रथम स्थान प्राप्त किया और सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार अपने नाम किया। यह रैंकिंग विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को दर्शाती है।

तकनीकी नवाचार और आधुनिक शिक्षा पर जोर
प्रो. कश्यप को उनकी नवाचार-आधारित सोच के लिए जाना जाता है। कोविड काल की चुनौतियों के दौरान उन्होंने शिक्षा को सुचारू रखने के लिए 65 स्मार्ट क्लासरूम और वर्चुअल लैब का निर्माण कराया। साथ ही, उन्होंने फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत की और विश्वविद्यालय की विरासत को सहेजने के लिए 'पंतनगर संग्रहालय' की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई।

शिक्षण के साथ-साथ उन्होंने मानव संसाधन विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है। जानकारी के अनुसार उन्होंने देशभर के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए 1500 से अधिक सॉफ्ट स्किल विकास सत्र आयोजित किए। उनके प्रयासों से संस्थान के 40 से अधिक संकाय सदस्यों और 200 विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण और एक्सपोजर प्राप्त हुआ।

प्रो. कश्यप का अनुभव और उनकी दूरदर्शी सोच ऐसे समय में विश्वविद्यालय के काम आएगी जब कृषि शिक्षा को आधुनिक तकनीकों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि उनके नेतृत्व में पंतनगर विश्वविद्यालय उत्कृष्टता के किन नए मानकों को स्थापित करता है।
 
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