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सरस आजीविका मेला आज से : विजयवाड़ा में राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी उद्घाटन, पहली बार दिल्ली-NCR से बाहर आयोजन

गांव जंक्शन डेस्क, पटना Published by: Devesh Saraswat Updated Thu, 15 Oct 2026 09:39 AM IST
सार

  • विजयवाड़ा में 15 अक्टूबर से राष्ट्रीय सरस आजीविका मेला 2026 का आयोजन।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मेले का औपचारिक उद्घाटन करेंगी।
  • 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की करीब 1,000 महिला उद्यमी और कारीगर लेंगी हिस्सा।
  • मेले में 650 से अधिक स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
  • महिलाओं को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन बिक्री की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

राष्ट्रीय सरस आजीविका मेला पहली बार दिल्ली-एनसीआर की सीमा से बाहर आयोजित होगा।
राष्ट्रीय सरस आजीविका मेला पहली बार दिल्ली-एनसीआर की सीमा से बाहर आयोजित होगा। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में पहली बार राष्ट्रीय सरस आजीविका मेला 2026 का आयोजन होने जा रहा है। 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस मेले का उद्घाटन करेंगी। सरकार के अनुसार, यह पहला मौका है जब राष्ट्रीय स्तर का यह सरस मेला दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं से बाहर आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण और राज्य के राज्यपाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, यह मेला देश के दूर-दराज के गांवों की महिलाओं की आत्मनिर्भरता और उनके हुनर का एक राष्ट्रीय उत्सव है।

34 राज्यों की महिलाएं और 650 से ज्यादा स्टॉल
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) और आंध्र प्रदेश सर्फ (SERP) के सहयोग से आयोजित इस मेले में देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 1,000 महिला उद्यमी और कारीगर हिस्सा ले रही हैं।

इस मेले में 650 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर महिलाओं द्वारा बनाए गए पारंपरिक हथकरघा (हाथ से बुने कपड़े), हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और घरेलू इस्तेमाल की चीजें बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी।

6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
मंत्रालय के अनुसार, मेले के दौरान राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में 'लखपति दीदी संग्रह' (किताब) और सरस शक्ति एप को भी लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ ही, देशभर में 6 करोड़ 'लखपति दीदी' तैयार करने के सरकारी लक्ष्य को दर्शाने वाली एक विशेष फिल्म भी दिखाई जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु खुद स्टॉलों पर जाकर महिला उद्यमियों से बातचीत करेंगी और विभिन्न राज्यों से आई लखपति दीदियों के साथ दोपहर का भोजन भी करेंगी।

इंडिया फूड कोर्ट और लाइव ट्रेनिंग की सुविधा
इस मेले का एक बड़ा आकर्षण इंडिया फूड कोर्ट होगा। इसमें 28 राज्यों की 200 से अधिक महिला शेफ अपने-अपने क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजन बनाएंगी। यहां आने वाले लोग शुद्ध देसी मसालों से बने लिट्टी-चोखा, हैदराबादी दम बिरयानी, मक्के दी रोटी-सरसों का साग और वन सुंदरी जैसे व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे।

मेले में अलग-अलग पवेलियन बनाए गए हैं, जैसे- लखपति दीदी पवेलियन, नॉलेज पवेलियन और लाइव डिमोंस्ट्रेशन पवेलियन। यहां लोग मिट्टी के बर्तन बनाने और कढ़ाई-बुनाई का काम अपने सामने लाइव देख सकेंगे। इसके अलावा, महिलाओं के व्यापार को बढ़ाने के लिए अमेजन, फ्लिपकार्ट, नाबार्ड और प्रमुख उद्योग मंडलों के विशेषज्ञ उन्हें सामान की पैकिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन बेचने (ई-कॉमर्स) की ट्रेनिंग भी देंगे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आम जनता से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस मेले में आएं और इन ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को खरीदकर वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करें।


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