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महाराष्ट्र : 265 तालुकों में सूखा, किसानों के लिए फसल कटाई सर्वे शुरू; बीमा राशि तय होगी

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Thu, 08 Oct 2026 05:37 PM IST
सार

  • नांदेड में 228 फसल कटाई प्रयोग होने हैं
  • अब तक 59 प्रयोग पूरे, करीब 25% काम पूरा
  • 15 अक्टूबर तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य
  • फसल की वास्तविक पैदावार के आधार पर बीमा लाभ तय होगा

सूखा
सूखा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महाराष्ट्र के नांदेड तहसील में सूखे जैसे हालात के बीच खरीफ फसलों के वास्तविक उत्पादन का पता लगाने के लिए फसल कटाई प्रयोग तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 25 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस सर्वे से यह तय करने में मदद मिलेगी कि फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को फसल बीमा का कितना लाभ मिलेगा।

228 में से 59 फसल कटाई प्रयोग पूरे
नांदेड तहसील में कुल 228 फसल कटाई प्रयोग किए जाने हैं। इनमें से अब तक 59 प्रयोग पूरे हो चुके हैं। प्रशासन ने सभी प्रयोग 15 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत चुने गए खेतों में अधिकारियों की टीम फसल की वास्तविक उपज का आकलन कर रही है। इस काम में ग्राम राजस्व अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, कृषि सहायक और संबंधित फसल बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

फसल बीमा के लिए अहम है सर्वे
फसल कटाई प्रयोग के दौरान किसी क्षेत्र में फसल की वास्तविक पैदावार का पता लगाया जाता है। इसी आंकड़े का इस्तेमाल फसल बीमा के दावों और किसानों की पात्रता तय करने में किया जाता है। इससे पात्र किसानों को फसल नुकसान के आधार पर बीमा राशि मिलने में मदद मिलती है।

महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा
महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर को राज्य के 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया था। यानी राज्य के करीब 74 प्रतिशत तालुक सूखे की चपेट में हैं। कम बारिश के कारण कई इलाकों में खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है।

सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की है। इनमें फसल कर्ज के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में रियायत और बिजली बिल में राहत जैसे कदम शामिल हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को बताया था कि सूखा प्रभावित इलाकों में करीब 45 प्रतिशत फसल नुकसान का आकलन पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा था कि प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक मदद देने का प्रयास किया जाएगा।

फसल नुकसान का सही आंकड़ा जुटाना जरूरी
फसल कटाई प्रयोग से खेत में हुई वास्तविक उपज का आंकड़ा सामने आएगा। इसी आधार पर फसल बीमा से जुड़े दावों का आकलन किया जाएगा। इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द सर्वे पूरा करने में जुटा है, ताकि पात्र किसानों को समय पर बीमा और राहत का लाभ मिल सके।
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